Varanasi Crime News: वाराणसी में कलयुगी मां ने 16 हजार और 10 साड़ियों में किया बेटी का सौदा; खरीदार अधेड़ समेत 3 गिरफ्तार
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी (बनारस) से रिश्तों को पूरी तरह से तार-तार कर देने वाली एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा दहल उठे। यहाँ एक कलयुगी मां ने चंद रुपयों और कुछ साड़ियों के लालच में अंधा होकर अपनी ही 12 साल की सगी मासूम बेटी की आबरू का सौदा कर डाला। इस घिनौने और अमानवीय अपराध की सूचना मिलते ही वाराणसी पुलिस ने त्वरित तत्परता दिखाई है। पुलिस ने जाल बिछाकर पीड़िता की कलयुगी मां, मासूम को खरीदने वाले अधेड़ और बाद में घिनौनी हरकत करने वाले एक ऑटो ड्राइवर सहित तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां मूल रूप से बिहार के अरवल जिले की रहने वाली है। उसकी मुलाकात इस साल जनवरी के महीने में बनारस रेलवे स्टेशन पर चंदौली के बलुआ निवासी लहरू यादव से हुई थी। दो बच्चों का बाप लहरू यादव अपनी उम्र कम दिखाने के लिए दिल्ली से महंगा हेयर ट्रांसप्लांट कराकर लौटा था और अपने लिए किसी बेहद कम उम्र की नाबालिग लड़की की तलाश में था। रेलवे स्टेशन पर ही बातचीत के दौरान कलयुगी मां ने महज 16 हजार रुपये नकद और 10 नई साड़ियों के बदले अपनी मासूम के टुकड़े को लहरू के हवाले कर दिया। इस अवैध सौदे को सामाजिक और धार्मिक रूप देने तथा अपराध को छिपाने के लिए चंदौली के चहनिया स्थित एक स्थानीय मंदिर में जबरन शादी का ढोंग भी रचा गया था।
⛓️ चार महीने तक बंधक बनाकर किया लगातार दुष्कर्म: जमीन बेचकर अय्याशी में फूंक चुका है 20 लाख रुपये
पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी लहरू यादव उस मासूम बच्ची को अपने मूल परिवार से दूर एक गोपनीय स्थान पर बंधक बनाकर रख रहा था। वह पिछले चार महीने से लगातार डरा-धमकाकर उसके साथ शारीरिक दरिंदगी (दुष्कर्म) करता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अपनी पैतृक जमीन बेचकर अब तक करीब 20 लाख रुपये इस तरह की अय्याशी और अपराधों में फूंक चुका है। 19 मई को जब उसे लगा कि मामला उजागर हो सकता है, तो वह पीड़िता को गंभीर व बदहवास हालत में बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर अकेला रोता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गया।
🛺 मदद के बहाने ऑटो चालक ने भी पार की हैवानियत की हदें: स्टेशन से बहला-फुसलाकर सारनाथ तालाब ले गया आरोपी
बनारस रेलवे स्टेशन पर डरी-सहमी और अकेली रोती हुई बच्ची पर मूल रूप से झारखंड के रहने वाले और वाराणसी में ऑटो चलाने वाले ड्राइवर रवि वर्मा की नजर पड़ी। बच्ची ने बेहद भरोसे के साथ रोते हुए उस ऑटो चालक को अपनी पूरी आपबीती सुनाई और मदद की गुहार लगाई। लेकिन, समाज को रक्षक के रूप में देखने वाली उस बच्ची की उम्मीद तब टूट गई जब वह ऑटो चालक भी हैवान बन गया। उसने मदद करने के बजाय बच्ची की लाचारी का फायदा उठाया। वह बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने ऑटो में बैठाकर सारनाथ तालाब के पास सुनसान इलाके में ले गया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे धमकाते हुए पहड़िया स्थित अपने किराए के घर ले आया।
🏠 पड़ोसियों की सजगता और जागरूकता से खुला इस घिनौने रैकेट का राज: सारनाथ पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में की कड़ी कार्रवाई
पहाड़िया स्थित उस बंद कमरे में दिन-रात एक अनजान मासूम बच्ची को लगातार रोता और सिसकता देख आसपास के सजग पड़ोसियों को गहरा शक हुआ। जब स्थानीय लोगों ने कमरे के भीतर जाकर कड़ाई से पूछताछ की, तो डरी हुई पीड़िता ने रोते हुए अपनी मां के सौदे से लेकर ऑटो चालक की हैवानियत तक की पूरी दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली कहानी बयां कर दी।
इस संवेदनशील मामले को सुनते ही स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए तुरंत पूरे मामले की लिखित सूचना सारनाथ थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रेड मारी और तीनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, मानव तस्करी (Human Trafficking) और भारतीय न्याय संहिता की कई अन्य गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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