NEET Paper Leak Case: नीट परीक्षार्थी प्रदीप मेघवाल के परिवार से मिले राहुल गांधी; हर संभव मदद का दिया भरोसा
सीकर: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राजस्थान के सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) के उस पीड़ित परीक्षार्थी के परिजनों से मुलाकात की, जिसने पिछले दिनों पेपर लीक और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी। राहुल गांधी ने शोक संतप्त परिवार को हर संभव कानूनी और नैतिक मदद का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान भावुक परिजनों ने राहुल गांधी को बताया कि बेहद खराब आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे प्रदीप की पढ़ाई और नीट की कोचिंग-तैयारी के लिए ₹11 लाख का भारी-भरकम कर्ज लिया था।
आपको बता दें कि नीट पेपर लीक मामले के बाद राजस्थान के गुढ़ा गौड़जी (उदयपुरवाटी) निवासी छात्र प्रदीप मेघवाल ने परीक्षा में लगातार हो रही अनियमितताओं और नीट पेपर लीक प्रकरण से गहरे सदमे में आकर आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया था। इस दुखद घटना ने देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
💰 एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल: पीड़ित परिवार के लिए जुटाए ₹11 लाख रुपये
इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार पर आए अचानक आर्थिक और मानसिक संकट को देखते हुए देशभर के एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गहरी संवेदनशीलता और अटूट एकजुटता का परिचय देते हुए परिवार के साथ हर मोड़ पर खड़े होने का निर्णय लिया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के कुशल नेतृत्व में देश भर के छात्र कार्यकर्ताओं ने आपस में मिलकर ₹11 लाख की बड़ी सहायता राशि एकत्रित की है, ताकि गरीब परिवार पर मौजूद कर्ज के इस भारी बोझ को पूरी तरह से कम किया जा सके और उन्हें संबल मिल सके।
📅 26 मई को परिवार को सौंपी जाएगी आर्थिक मदद राशि: राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ खुद करेंगे मुलाकात
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 26 मई को यह ₹11 लाख की आर्थिक सहायता राशि आधिकारिक तौर पर प्रदीप मेघवाल के परिजनों को सौंप दी जाएगी। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ खुद पीड़ित परिवार के गांव पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे और यह सहायता राशि प्रदान करेंगे।
इस संवेदनशील अवसर पर विनोद जाखड़ ने कड़े शब्दों में कहा, “प्रदीप मेघवाल की असामयिक मौत केवल एक होनहार छात्र की मृत्यु नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की वर्तमान जर्जर और भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था की विफलता का एक बेहद दर्दनाक और जीवंत प्रतीक है। आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा एक आम परिवार अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के पवित्र सपने के लिए ₹11 लाख का कर्ज लेने को मजबूर हुआ, लेकिन व्यवस्था में बैठे मठाधीशों, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने उस मासूम के सपने को बेरहमी से तोड़ दिया।”
🤝 प्रदीप के परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है NSUI: परीक्षा भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
विनोद जाखड़ ने आगे साफ किया कि एनएसयूआई इस अत्यंत कठिन और दुखद समय में प्रदीप के परिवार के साथ पूरी मजबूती और चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने कहा, “यह सहायता केवल एक आर्थिक सहयोग मात्र नहीं है, बल्कि यह देशभर के संपूर्ण छात्र समुदाय की ओर से परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अन्याय के खिलाफ एकजुटता और संवेदनशीलता का एक बड़ा राजनीतिक व सामाजिक संदेश है। हम नीट पेपर लीक, परीक्षा भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे लगातार खिलवाड़ के खिलाफ अपना राष्ट्रव्यापी संघर्ष और आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक कि छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता।”
⚖️ दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग: परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करे सरकार
एनएसयूआई ने इस दुखद घटना के बहाने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक गिरोहों के लिए जिम्मेदार रसूखदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। छात्र संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार से पुरजोर अपील की है कि वे मुख्य परीक्षा प्रणाली में तत्काल पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य व उनके मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े गाइडलाइंस जारी करें, ताकि भविष्य में किसी और प्रदीप को अपनी जान न गंवानी पड़े।
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