Global Oil Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत का बड़ा दांव; वेनेजुएला बना तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर
नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर बने गहरे संकट ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है। खाड़ी में युद्ध जैसे हालातों के बाद कई प्रमुख देशों के सामने कच्चे तेल का गंभीर संकट गहराता जा रहा है। इसी वैश्विक उथल-पुथल के बीच वेनेजुएला भारत के लिए एक बेहद मजबूत और अहम वैकल्पिक स्रोत बनकर उभरा है। ताज़ा एनर्जी ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इस महीने वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल (Crude Oil) सप्लायर देश बन गया है।
आधिकारिक डेटा के अनुसार, पिछले महीने यानी अप्रैल के मुकाबले मई में भारत को वेनेजुएला से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई में करीब 50 फीसदी का तगड़ा उछाल देखा गया है। ऐसे समय में जब मध्य-पूर्व या खाड़ी देशों (Middle East) से भारत आने वाली तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, भारतीय रिफाइनरी कंपनियां वैकल्पिक देशों से तेल आयात बढ़ाने के प्रयासों में युद्ध स्तर पर जुट गई हैं।
🌊 होर्मुज स्ट्रेट संकट से बढ़ी भारत की मुश्किलें: खाड़ी क्षेत्र में फंसे 13 भारतीय जहाज, सऊदी अरब से आयात आधा रह गया
भारत अपनी कुल घरेलू जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करके ही पूरा करता है। देश के लगभग आधे कच्चे तेल की समुद्री सप्लाई इसी होर्मुज स्ट्रेट के सकरे रास्ते से होकर गुजरती है। लेकिन ईरान के आसपास जारी संघर्ष और समुद्री सुरक्षा संकट के कारण यह पूरा जलमार्ग इस समय बेहद असुरक्षित हो गया है। भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद अप्रैल में सात साल बाद ईरान से तेल आयात दोबारा शुरू किया था, लेकिन इस महीने अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी और कड़े प्रतिबंधों के कारण कोई भी नया ईरानी तेल कार्गो भारत के बंदरगाहों तक नहीं पहुंच पाया है।
इसके साथ ही, भारत के पारंपरिक रणनीतिक साझेदार सऊदी अरब से आने वाली तेल सप्लाई भी इस संकट के कारण तेजी से घटी है। अप्रैल में जहां भारत को सऊदी अरब से रोजाना करीब 6.7 लाख बैरल तेल मिल रहा था, वहीं मई में यह घटकर करीब 3.4 लाख बैरल प्रति दिन के न्यूनतम स्तर पर रह गया है। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि वहां करीब 13 भारतीय मालवाहक जहाज फंसे हुए हैं। हाल ही में ओमान के तट के पास एक भारतीय झंडे वाला व्यापारिक जहाज समुद्री हमले का शिकार होकर डूब भी गया, जिसने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
🇺🇸 ईरान और रूस पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका खुद बढ़ा रहा है वेनेजुएला का तेल: एंटनी ब्लिंकन का बड़ा बयान
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब इस युद्ध के बहाने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन (Global Energy Supply Chain) को एक नए तरीके से री-डिजाइन करना चाहता है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हाल ही में अपने बयान में संकेत दिया है कि अमेरिका चाहता है कि भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस या ईरान पर निर्भर रहने के बजाय ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी और वेनेजुएला के तेल का रुख करें।
आपको बता दें कि वेनेजुएला के पास इस समय दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार (Oil Reserves) मौजूद है, जो करीब 303 अरब बैरल आंका गया है। हालांकि, लंबे समय तक कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों और आंतरिक खराब आर्थिक हालातों के कारण वहां तेल का उत्पादन पूरी तरह प्रभावित रहा था। अब अमेरिका खुद चाहता है कि वेनेजुएला का तेल दोबारा वैश्विक बाजार में खुलकर पहुंचे, ताकि तेल बाजारों में ईरान और रूस के दबदबे को पूरी तरह से कम किया जा सके।
🛢️ भारत के लिए क्यों संजीवनी है वेनेजुएला का कच्चा तेल? रिलायंस जामनगर रिफाइनरी के लिए है सबसे उपयुक्त
भारत और वेनेजुएला के बीच कच्चे तेल का यह द्विपक्षीय कारोबार कोई नया नहीं है। साल 2019 में प्रतिबंध लगने से पहले तक वेनेजुएला भारत के शीर्ष तेल सप्लायर्स की सूची में शामिल था। बाद में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने वहां से खरीद कम कर दी थी। तकनीकी रूप से, वेनेजुएला का ‘भारी कच्चा तेल’ (Heavy Crude Oil) खास तौर पर गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की विश्वस्तरीय हाई-टेक रिफाइनरी के लिए बेहद उपयुक्त और फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि स्थितियां अनुकूल होते ही भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से वहां से आयात बढ़ाना शुरू कर दिया है।
इस चालू महीने में अब तक वेनेजुएला भारत को करीब 4.17 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल की सप्लाई कर चुका है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट का यह नौसैनिक संकट और लंबा खींचता है, तो वेनेजुएला आने वाले समय में भारत की राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को बनाए रखने में सबसे बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
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