गणेश पूजा में AI प्रतिमाओं का क्रेज, छोटे बड़े पंडालों में विराजे गणपति

रायपुर : गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा पंडालों में स्थापित होंगी. 10 दिनों तक पूरा देश गणेश भक्ति में डूबा रहेगा. मूर्तिकार और गणेश उत्सव समिति के लोगों का मानना है कि राजधानी रायपुर में अधिकांश जगहों पर AI वाले गणपति दर्शन देंगे. कुछ गणेश पंडाल में भगवान गणपति की प्रतिमा 2 दिन पहले से लाकर रख दी गई है. जिसका विधि विधानपूर्वक बुधवार गणेश चतुर्थी के दिन स्थापना होगा . इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ भी राजधानी में होगी.
AI मूर्तियों की डिमांड बढ़ी : लाखे नगर चौक में इस बार शंकर और पार्वती की शक्ल मे AI वाली मूर्तियां होगी. पिछले साल गणेश उत्सव समिति ने राधा कृष्ण की मूर्ति स्थापित की थी. इस बार शिव और पार्वती के साथ गणपति की प्रतिमा विराजित हो रही है.लाखे नगर के सिंधु एकता गणेश उत्सव समिति के विकास खत्री ने बताया कि इस बार का हमारा पैटर्न शिव पार्वती का रहेगा. पिछले साल इस समिति के द्वारा राधा कृष्ण के पैटर्न में भगवान गणपति को सजाया गया था.
AI पैटर्न वाली गणपति को लेकर मूर्तिकारों की राय अलग है. मूर्तिकार रमेश प्रजापति का कहना है कि गणपति की प्रतिमा चार भुजाधारी होना चाहिए. इसके साथ ही धोती, गमछा और मुकुट भी होना चाहिए.
AI वाली गणपति में भगवान के चेहरे जरूर सुंदर दिखते हैं लेकिन भगवान नहीं लगते. बड़े-बड़े सिर बना दिया जाता है. मूल स्वरूप के बजाय उनके स्वरूप को बिगाड़ दिया जाता है. AI में भगवान के दो हाथ और छोटे सूंड दिखाए जाते हैं. भगवान गणपति अपने मूल स्वरूप में ही अच्छे दिखते हैं. इस बार शहर में लगभग 60% जगहो पर AI वाली प्रतिमा देखने को मिलेगी-रमेश प्रजापति, मूर्तिकार
मूर्तिकार दीक्षा ने बताया कि AI वाली गणपति का चलन पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है. AI वाली मूर्तियां उतनी ज्यादा अच्छी नहीं होती. माता को मॉडर्न माता बना दिया जाता है. गणपति बप्पा को पैंट शर्ट पहना दिया जाता है जो कि गलत है. अगर आपको गणपति की पूजा करनी है तो भगवान के मूल स्वरूप का ध्यान और पूजा करिए. AI गणपति रखनी है तो उसके मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए बनाया जाना चाहिए.





