February 28, 2026 10:15 am
ब्रेकिंग
MP News: महज 300 रुपये किलो देसी गाय का शुद्ध घी! रतलाम में मिलावटी घी की खेप जब्त Jabalpur News: ब्लड बैंकों में खून की भारी कमी, युवाओं के समूह निभा रहे सरकार की जिम्मेदारी Anil Saumitra News: SC/ST एक्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से अनिल सौमित्र को राहत, केस रद्द MP Assembly News: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में सिर्फ 4 शव वाहन, विधानसभा में गूंजा स्वास्थ्य सुविधाओं... DAVV Indore News: गर्ल्स हॉस्टल में बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव डालने वाली छात्रा निष्कासित, मची खलबली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जिले को बड़ी सौगात, 9 सड़कों के लिए 30 करोड़ 59 लाख रुपए निर्माण की... Bhopal News: ट्रैफिक पुलिस के चालान काटने पर बीच सड़क हाई वोल्टेज ड्रामा, महिला ने निगला जहर पीएम मोदी ने दी चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि, कहा- 'आप हमेशा स्मरणीय रहेंगे' Arvind Kejriwal Liquor Case: शराब नीति केस में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा- कोई साजि...
व्यापार

Crude Oil News: रूस को बड़ा झटका! बैन से घटी तेल की सप्लाई, सऊदी अरब की ओर मुड़ा भारत

भारत की कच्चे तेल की इंपोर्ट रणनीति अब एक नए बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है. आयातित खेप के आंकड़े और विश्लेषक बताते हैं कि सऊदी अरब के नेतृत्व में पश्चिम एशिया के आपूर्तिकर्ता अपनी बाजार हिस्सेदारी फिर से हासिल कर रहे हैं. वहीं, रूसी तेल की सप्लाई अब भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन जियो पॉलिटिकल और इंटरनेशनल बैन के चलते इसमें कमी आ रही है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर भारत ने फरवरी के महीने में अब तक कितना कच्चा तेल आयात किया. साथ ही भारत ने रूस और मीडिल ईस्ट के देशों से कितना तेल इंपोर्ट किया है.

भारत ने अब तक कितना किया इंपोर्ट

रूस से होने वाली सप्लाई में कमी आने के कारण एक से 18 फरवरी के दौरान भारत का कुल कच्चा तेल आयात गिरकर औसतन 48.5 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रह गया. यह जनवरी के 5.25 लाख बीपीडी के मुकाबले आठ प्रतिशत कम है. पिछले महीने प्रमुख रूसी निर्यातकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों और यूरोपीय संघ के 18वें प्रतिबंध पैकेज के प्रभावी होने के बाद वहां से आने वाले तेल के प्रवाह में यह गिरावट देखी गई है. जहाजों की आवाजाही के निगरानी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत को होने वाली रूसी आपूर्ति दिसंबर, 2025 के 12.8 लाख बीपीडी से घटकर जनवरी में 12.2 लाख बीपीडी रह गई और फरवरी की शुरुआत में यह लगभग 10 प्रतिशत और घटकर 10.9 लाख बीपीडी पर आ गई.

रूस से लगातार कम हो रही सप्लाई

ग्लोबल कमोडिटी डाटा ऐनालिस्ट कंपनी ‘केपलर’ के प्रमुख रिसर्च ऐनालिस्ट सुमित रितोलिया ने कहा ​कि फरवरी में भारत का रूसी कच्चा तेल आयात लगभग 10-12 लाख बीपीडी रहने का अनुमान है, जिसके मार्च में घटकर करीब 8-10 लाख बीपीडी तक आने की संभावना है. वर्ष 2022 में यूक्रेन वॉर के बाद भारी छूट पर मिलने के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद बड़े पैमाने पर शुरू की थी, लेकिन अब यह आवक बढ़ने के बजाय स्थिर होती दिख रही है. उन्होंने कहा कि हालांकि, हम इसे एक अल्पकालिक स्थिरता के रूप में देख रहे हैं, न कि 2025 के मध्य में देखे गए उच्चतम स्तर पर वापसी के रूप में. हमारा अनुमान है कि व्यावसायिक और नीतिगत बाधाओं के कारण, 2024-2025 की तुलना में 2026 में भारत के कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम होकर एक निचले स्तर पर स्थिर हो जाएगी.

सऊदी अरब से पीक के करीब पहुंचाई सप्लाई

वर्तमान आकलन के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच एक व्यावहारिक समझ बनी है जो भारत को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए रूसी आयात की अनुमति देती है, लेकिन इसे और अधिक बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती. जैसे-जैसे रूसी तेल की मात्रा कम हो रही है, पश्चिम एशिया खाड़ी देश इस कमी को पूरा कर रहे हैं. रितोलिया ने बताया कि सऊदी अरब से होने वाली सप्लाई फरवरी में 10 लाख से 11 लाख बीपीडी तक पहुंचने की उम्मीद है, जो नवंबर, 2019 के बाद का उच्चतम स्तर है. महीने की शुरुआत से अब तक सऊदी अरब से आने वाले तेल का प्रवाह लगभग 14 लाख बीपीडी दर्ज किया गया है. हालांकि, मार्च की शुरुआत में इसमें कुछ नरमी आने की संभावना है. वर्तमान रुझानों के आधार पर, सऊदी अरब फरवरी में भारत के शीर्ष आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है, जिसके बाद रूस और इराक का नंबर आता है.

Related Articles

Back to top button