February 28, 2026 5:09 pm
ब्रेकिंग
थाना बागबहार क्षेत्रान्तर्गत नाबालिग लड़की के साथ हुये दुष्कर्म के मामले में जशपुर पुलिस ने दो आरोपि... कलयुगी पोते की करतूत: बीमार दादी को अस्पताल में लावारिस छोड़ भागा, अब वृद्ध आश्रम बना नया घर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं औ... जायद सीजन में करें इन 2 दालों की खेती: कम मेहनत में बंपर मुनाफा, मिट्टी भी बनेगी उपजाऊ बोत्सवाना से हजारों किमी सफर कर भारत पहुंचे 8 चीते, कुनो नेशनल पार्क में छोड़े जाएंगेबोत्सवाना से भा... सोम डिस्टिलरीज को झटका: जज ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, केस दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर बाबा महाकाल की शरण में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, बोले- 'दर्शन मात्र से मिटता है अहंकार' Gwalior Budget 2026: ग्वालियर नगर निगम का 2400 करोड़ का बजट पेश, जानें पब्लिक वर्क्स और डॉग शेल्टर प... उज्जैन महाकाल में इस बार नहीं खेल सकेंगे होली, 2 साल पहले लगी आग के बाद सिर्फ हर्बल गुलाल की अनुमति MP News: महज 300 रुपये किलो देसी गाय का शुद्ध घी! रतलाम में मिलावटी घी की खेप जब्त
उत्तरप्रदेश

गजब! वक्फ कानून के विरोध में रियाजुद्दीन ने काटी बिजली, अंधेरे में डूबा मेरठ शहर

वक्फ कानून के खिलाफ देशभर के लोग अलग-अलग तरह से विरोध कर रहे हैं. इसी कड़ी में मुस्लिम संगठनों ने 1 मई की रात 15 मिनट के लिए अपने-अपने घरों की बिजली बंद करके विरोध दर्ज करवाने का ऐलान लिया था. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बिजली विभाग के एक कर्मचारी (लाइनमैन) रियाजुद्दीन ने 30 कॉलोनियों की बिजली काट दी. इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप से कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया.

वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में मुस्लिम संगठनों ने 30 अप्रैल की रात 9 बजे से 9:15 बजे तक लाइट बंद रखने का ऐलान किया था. इस दौरान मेरठ के इस्लामाबाद, लोहिया नगर, अहमदनगर और जली कोठी जैसे क्षेत्रों में हजारों घरों में अंधेरा छा गया. लोगों ने सड़कों तक की लाइट बंद कर विरोध दर्ज कराया. हालांकि, स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब लाइट काटे जाने के बाद कुछ गांववालों ने अपने घरों में इनवर्टर चालू कर दिए.

गांववालों ने उर्जा मंत्री से की थी शिकायत

इस पर कुछ लोगों ने विरोध करते हुए गांव वालों से लाइट बंद करने को कहा. दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ी और माहौल बिगड़ने लगा. कुछ ही समय बाद बिजली बहाल हुई, लेकिन लोगों ने जब बिजली कटौती का कारण जानने की कोशिश की तो खुलासा हुआ कि यह कटौती जानबूझकर की गई थी. गांववालों ने इस मामले की शिकायत ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर से की. मंत्री ने मेरठ क्षेत्र के बिजली विभाग अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए.

बिजली विभाग कर्मचारी रियाजुद्दीन सस्पेंड

शुक्रवार सुबह कल्लू पंडित के नेतृत्व में गांव वाले बिजलीघर पहुंचे और कर्मचारी रियाजुद्दीन के खिलाफ लिखित शिकायत दी. मामले का संज्ञान लेते हुए एमडी पावर पी वी वी एन एल ईशा दुल्हन ने बुलंदशहर के चीफ इंजीनियर संजय कुमार को जांच सौंपी. जांच के बाद पुष्टि हुई कि रियाजुद्दीन ने जानबूझकर पूरे क्षेत्र की बिजली काटी थी, जो कि विभागीय नियमों और निष्पक्षता के विरुद्ध था. ऊर्जा विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसे बर्खास्त कर दिया है.

जानें चीफ इंजीनियर ने क्या कहा

चीफ इंजीनियर संजय कुमार ने बताया कि रियाजुद्दीन ने बिना किसी शिकायत और ना ही रिकॉर्ड में चढ़ाकर शटडाउन किया, इस मामले में उनको आरोपी मानते हुए रियाजुद्दीन को बर्खास्त कर दिया है.

Related Articles

Back to top button