February 13, 2026 3:43 am
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एक शहीद की पत्नी और दूसरी एकता की मिसाल, इन 2 महिलाओं के पीछे क्यों पड़ गए ट्रोल्स?

पिछले कुछ दिनों में देश में 2 पहाड़ी इलाकों से ऐसे केस सामने आए हैं, जिनको लेकर पूरे देश में चर्चा की जा रही है. पहला केस जम्मू-कश्मीर के पहलगाम से सामने आया, जहां भयानक आतंकवादी हमला हुआ. इसी के बाद पूरे देश का खून खौलने लगा, वहीं, दूसरा केस नैनीताल से सामने आया, जहां 12 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया. इन दोनों ही केस के सामने आने के बाद दो महिलाएं सुर्खियों में आ गई हैं.

पहली महिला हैं नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल. जिन्होंने पहलगाम में अपने पति को खो दिया. शादी की मेहंदी भी उनकी फीकी नहीं हुई थी और उनका सुहाग उजड़ गया, लेकिन इसके बाद भी हिमांशी नरवाल के दिए एक बयान के चलते उन्हें सोशल मीडिया पर लोगों की संवेदना नहीं बल्कि ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, दूसरी तरफ नैनीताल में 12 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाला आरोपी मुस्लिम धर्म का मानने वाला है. इसी के बाद जब मुसलमानों पर नैनीताल में लोगों का गुस्सा फूटा तो नैनीताल की बहादुर बेटी शैला नेगी ने इस अपराध को सांप्रदायिक रंग में बदलने से रोका. हालांकि, इन दोनों ही महिलाओं के बीच एक कॉमन चीज इन के लिए मुसीबत बन गई.

हिमांशी नरवाल ने क्या बयान दिया

पहलगाम में हुए अटैक के बाद पाकिस्तान पर भारतीयों का गुस्सा फूटा. वहीं, कई जगह पर कश्मीरियों को भी निशाना बनाने की खबरें सामने आई. इसी के बाद पति को खोने का बड़ा दुख झेलने के बाद भी हिमांशी ने बयान दिया. जहां हिमांशी ने न्याय की मांग करने के साथ ही साथ देश की एकता को लेकर बात की. हिमांशी नरवाल ने इस अटैक के बाद लोगों से मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे न पड़ने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे पड़ें. साथ ही विनय नरवाल के लिए न्याय मांगने पर जोर देकर शांति की भी प्रार्थना की थी.

हिमांशी नरवाल हुईं ट्रोलिंग का शिकार

पहलगाम अटैक के बाद मुसलमानों और कश्मीरियों को टारगेट न किया जाए यह बयान देने के बाद ही हिमांशी ट्रोल्स के निशाने पर आ गईं. शहीद की पत्नी को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया. उन्हें यहां तक ट्रोल किया गया कि राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) उनके समर्थन में आया. आयोग ने कहा कि किसी महिला को उसकी वैचारिक अभिव्यक्ति या निजी जीवन के आधार पर ट्रोल किया जाना सही नहीं है.

सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जारी एक बयान में एनसीडब्ल्यू ने हिमांशी को ट्रोल किए जाने की निंदा भी की. साथ ही आयोग ने कहा, हिमांशी नरवाल की उनके एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना की जा रही है, वो दुर्भाग्यपूर्ण है. भले ही कुछ लोगों को उनकी टिप्पणी रास न आई हो, लेकिन असहमति संवैधानिक सीमाओं की मर्यादा के दायरे में जाहिर की जानी चाहिए.

जहां पहलगाम अटैक के बाद हिमांशी नरवाल का मुसलमानों और कश्मीरियों को टारगेट न किया जाए यह बयान चर्चा और ट्रोलिंग का केंद्र बन गया. वहीं, दूसरी तरफ नैनीताल की शैला नेगी भी एकता की मिसाल बन गई है. उन्होंने अपराध के एक केस को सांप्रदायिक रंग देने से रोका, लेकिन उनके इस कदम पर भी ट्रोलिंग की गई है.

नैनीताल की शैला नेगी क्यों हुई ट्रोलिंग का शिकार

उत्तराखंड का नैनीताल इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. दरअसल, हाल ही में नैनीताल में एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म हुआ. जानकारी के मुताबिक, आरोपी मुस्लिम था. इसी के बाद हिंसा भड़क गई. 30 अप्रैल की रात करीब 8 बजे एक नाबालिग लड़की शिकायत दर्ज कराने के लिए अपनी मां और एक वकील के साथ मल्लीताल कोतवाली पहुंचीं. शिकायत में आरोप लगाया गया कि 12 अप्रैल को उस्मान नाम के एक ठेकेदार ने गाड़ी में नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया.

उस्मान के खिलाफ दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की धाराएं 65(1), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और उसको जेल भेज दिया गया. इसी के बाद जैसी ही यह खबर इलाके में फैली लोगों का गुस्सा फूटा. मल्लीताल थाने के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हो गई और कुछ ही देर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन में अपराध के खिलाफ और रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए नहीं बल्कि मुसलमानों के खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे और इसी चीज को लेकर शैला ने आवाज उठाई.

शैला नेगी को मिली रेप की धमकी

कथित तौर पर 1 मई की रात को गाड़ी पड़ाव क्षेत्र में मुस्लिम दुकानों पर तोड़फोड़ और मारपीट की गई. इसी दौरान नैनीताल में विरोध का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें भीड़ मुसलमानों के खिलाफ नारे लगा रही है और दुकानें बंद करने के लिए कह रही है. इसी बीच वायरल वीडियो में एक महिला सामने आई जिनका नाम शैला नेगी है. उन्होंने दुकानें बंद कराने वाली भीड़ से कहा, अगर एक व्यक्ति ने अपराध किया है, तो पूरे समुदाय को सजा क्यों दी जा रही है?

शैला नेगी ने विरोध प्रदर्शन कर रही दूसरी महिला से कहा, आपने दुकानदारों को क्यों मारा, आप लोग हिंदू-मुसलमान क्यों कर रहे हैं, यह लोग मुसलमानों को इतनी गंदी गालियां दे रहे हैं, उस लड़की को इंसाफ दिलाने के बारे में कोई बात नहीं कर रहा है. भीड़ की तरफ इशारा करते हुए शैला ने कहा, यह लोग पाकिस्तानियों को गाली दे रहे हैं जबकि जिसने रेप किया है वो हमारे देश का है उसको बोलो.

शैला नेगी की यह वीडियो वायरल होने के बाद उनको जमकर ट्रोल किया जा रहा है. शैला ने बताया कि उनको रेप करने की तक की धमकी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि लोग उनके वायरल वीडियो पर लिख रहे हैं, इसका रेप होना चाहिए, इसको पाकिस्तान में फेंक दो. इस ट्रोलिंग पर उन्होंने कहा, जब मैं ही सुरक्षित नहीं हूं तो आप क्या उस लड़की को न्याय दिलाओगे.

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