मोदी की गारंटी का क्या हुआ, छत्तीसगढ़ मितानिन संघ का सरकार से सवाल

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: छत्तीसगढ़ में मितानिन संघ ने सरकार के पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. प्रदेश में बीते एक महीने से मितानिनों की हड़ताल जारी है. लगातार एक महीने से विरोध प्रदर्शन के बाद मितानिन संघ ने सरकार से मोदी की गारंटी को लेकर बड़ा सवाल किया है. मितानिन संघ का कहना है कि सरकार ने मोदी की गारंटी अब तक लागू नहीं की है. मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर में मितानिन संघ ने सीएचएमओ कार्यालय पहुंच कर क्षतिपूर्ति से जुड़ा लेटर लगाया और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मोदी की गारंटी को लागू करने की मांग की है.
“हमें किया जा रहा परेशान”: मितानिन संघ की एमसीबी ब्लॉक अध्यक्ष जायानाब बेगम ने कहा कि मोदी की गारंटी के बाद भी हम लोगों को एनजीओ में काम करने को बोला जा रहा है. हम लोगों का पद समाप्त किया जा रहा है यह जानकारी दूसरों के माध्यम से मिल रही है. जबकि हमने घर परिवार छोड़ कर मितानिन को बढ़ाया मितानिन संघ अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहा है.
“हमारे साथ गलत हो रहा है”: मितानिन संघ की एमसीबी ब्लॉक अध्यक्ष जायानाब बेगम ने आरोप लगाया कि सरकार ने लेटर जारी कर अनाधिकृत पद ( स्वास्थ्य पंचायत समान्यवक ) मितानिन प्रशिक्षकों के क्षति पूर्ति का सत्यापन करने का आदेश जारी किया है. यह न्यायसंगत नहीं है. इस फैसले का हम विरोध कर रहे हैं. यही वजह है कि हमने आयुक्त सह मिशन संचालक और उप संचालक स्वास्थ्य मिशन के नाम से ज्ञापन सौंपा है.
प्रदेश की 86 हजार मितानिन कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर डटी हुई है. वहीं प्रदेश में 99 प्रतिशत से अधिक मितानिन , मितानिन प्रशिक्षक , ब्लॉक समन्यवक और हेल्पडेस्क के कर्मी हड़ताल पर रहे हैं. हम फैसिलिटीटेटर ,शासन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल में है. हमने स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने में काम किया है और सरकार हमारे साथ गलत कर रही है- जायानाब बेगम, एमसीबी ब्लॉक अध्यक्ष
हम लोग 22 साल से काम कर रहे थे. हर जगह साइन हम लोगों का लगता था. आज पूरे छत्तीसगढ़ में एचबीएस साथियों को कार्यभार सौंपा जा रहा है. जिसका हम विरोध कर रहे हैं. हमारे अधिकार को छीना जा रहा है, जो स्वस्थ्य पंचायत है वो हमारी मितानिन में साइन नहीं करेंगी, न एमटी में, न बीटी में वे साइन नहीं करेंगी. इस लिए हमलोग विरोध कर रहे हैं- ऊषा करियाम, एमसीबी जिलाध्यक्ष
मितानिनों की तरफ से नए आदेश का विरोध किया जा रहा है. जिसमें एचबीएस साथियों को कार्यभार सौंपने पर आपत्ति जताई जा रही है. अब देखना होगा कि इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से क्या कहा जाता है.





