February 24, 2026 8:04 pm
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
महाराष्ट्र

9 लाख महिलाओं के नाम कटे, कतार में 41 लाख और… लाडकी बहिन योजना में सरकार का एक्शन और विपक्ष हमलावर

महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना अब विवादों के घेरे में है. विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना से अब तक 3 से 4 किश्तें मिल चुकी हैं लेकिन अब तकरीबन 9 लाख महिलाओं को तकनीकी या पात्रता संबंधी कारणों से योजना से बाहर किया गया है. जबकि 41 लाख से ज्यादा महिलाएं कतार में हैं. इस बीच विपक्ष ने सरकार पर घोटाले और जल्दबाजी के आरोप लगाए हैं.

महाराष्ट्र की लाडकी बहन योजना में अभी तक लगभग 2.37 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जो दिसंबर 2024 में 2.46 करोड़ थी लेकिन जांच और पात्रता के आधार पर लगभग 9 लाख महिलाओं के नाम काटे गए हैं. सरकार ने योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु वाली आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्रति माह ₹1500 देने का प्रावधान किया है. मगर, कुछ महिलाओं को जो अन्य योजनाओं का लाभ ले रही हैं, उन्हें अब ₹500 ही दिए जा रहे हैं.

इन 2 लाख महिलाओं को योजना से बाहर किया गया

कटौती के कारणों में आयु सीमा, अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, और पारिवारिक आय सीमा (₹2.5 लाख प्रति वर्ष) शामिल हैं. इसके अलावा संजय गांधी निराधार योजना के तहत लाभ पाने वाली लगभग 2 लाख महिलाओं को भी इस योजना से बाहर किया गया है. सरकार ने कुल ₹46,000 करोड़ का बजट इस योजना के लिए आवंटित किया है लेकिन फंड की कमी के कारण कुछ कटौतियां की गई हैं. इससे करीब 8 लाख महिलाओं को भी कम राशि दी जा रही है.

यह योजना अक्टूबर-2024 राज्य विधानसभा चुनाव के ठीक पहले से लागू हुई थी और अब तक लगभग 2.45 करोड़ महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया. इनमें से लगभग 1.05 करोड़ महिलाओं को कम से कम एक किश्त मिल चुकी है. लेकिन अब करीब 9 लाख महिलाओं के नाम योजना से हटाए गए है जबकि 41 लाख महिलाओं के नाम स्क्रूटनी लिस्ट में हैं.

योजना में मिले पैसे वापस कर दें

सरकारी सेवा में कार्यरत करीब 2600 महिलाएं भी इसमें शामिल हैं. अभी इसमें नंबर बढ़कर 50 हजार तक जा सकते हैं. सरकार का कहना है कि सरकारी विभागों में जो महिलाएं कार्यरत है वो तुरंत लाडकी बहिन योजना में मिली किस्तों को रिटर्न्स कर दें वरना उनके खिलाफ कार्रवाई होगी क्योंकि इस योजना में नियम ही है कि सरकारी कर्मचारी को इस योजना में लाभ नहीं मिल सकता.

केबिनेट मंत्री गिरीश महाजन ने भी कहा कि जिन लाडकी बहिनों ने सरकारी नौकरी करते इस योजना का लाभ लिया है वह गलत है. एक साथ 2 योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहिए. उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, योजना लागू करने में जल्दबाजी हुई, नियमों का सही अवलोकन नहीं किया गया, अब पात्रता की समीक्षा हो रही है. इस पूरे घटनाक्रम पर अब सियासत तेज है. विपक्ष ने सीधे तौर पर अजित पवार और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

चुनावी स्टंट था, फर्जी नामों से घोटाला किया गया

संजय राउत ने कहा कि यह एक चुनावी स्टंट था. फर्जी नामों से पंजीकरण कर घोटाला किया गया. अजित पवार को इस्तीफा देना चाहिए. कांग्रेस की ओर से भी तीखा हमला हुआ है. वर्षा गायकवाड़ ने कहा, जिन महिलाओं के लिए योजना बनी थी, उन्हें ही पैसे नहीं मिल रहे. ये सरकार का दोहरा चरित्र है. विधायक असलम शेख ने कहा, योजना सिर्फ चुनाव जीतने के लिए लाई गई थी. चुनाव जीतने के बाद महिलाओं को दरकिनार किया जा रहा है.

इस पूरे विवाद के बीच महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने योजना का बचाव किया है. उन्होंने कहा, यह योजना महिलाओं के हित में है, बदनाम करने की साजिश हो रही है. पात्र महिलाओं को मई और जून की किश्त जल्द मिलेगी. वहीं एनसीपी शरद पवार की पार्टी के नेता अनिल देशमुख ने भी कहा कि जो काम सरकार आज कर रही है वही काम पहले करना चाहिए था. ये वसूली की नौबत ना आती. जितेंद्र अहवाड़ का भी कहना है कि लाडकी बहिनों की भावनाओं के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है.

Related Articles

Back to top button