March 15, 2026 2:21 pm
ब्रेकिंग
CM Mohan Yadav Katni Visit: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी को दी ₹243 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात... छतरपुर में दबंगों की हैवानियत! दलित युवक को जूतों से पीटा, बचाने आई मां-बहन को भी नहीं बख्शा; लहूलुह... बालाघाट के जंगलों में 2 भालुओं की संदिग्ध मौत! शिकार या कुछ और? क्या वन्यजीवों की बढ़ती तादाद ही बन ... "जेन जी को कोई कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन..."—आचार्य प्रशांत ने युवाओं को दिखाया आईना; बताया भीतर छ... Bus Depot Fire: बस डिपो में भयंकर आग का तांडव, 3 बसें जलकर खाक; फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर, जान... तेलंगाना की 'लेडी अघोरी' बनीं सबसे युवा महामंडलेश्वर! 18 भाषाओं का ज्ञान और सालों की तंत्र साधना; जा... शराब की एक बोतल के लिए 'कातिल' बना पड़ोसी! जबलपुर में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या; गाली-गलौज के बाद ख... Auraiya Road Accident: औरैया में अनियंत्रित पिकअप ने बच्चे को कुचला, हादसे के बाद चालक फरार; परिजनों... RCB in IPL 2026: आरसीबी के पास इतिहास रचने का मौका, 19वें सीजन में खिताब जीतकर मुंबई-चेन्नई की बराबर... Maharaja 2 Update: विजय सेतुपति की 'महाराजा' के सीक्वल की तैयारी शुरू? पहले पार्ट ने की थी छप्परफाड़ ...
मध्यप्रदेश

रेलवे स्टेशन पर लूट! GST घटने के बाद भी भोपाल में ₹14 की पानी की बोतल ₹15 में बिक रही, 44 दिन से नहीं आया नया स्टॉक

भोपाल। क्या आप मानने को तैयार हैं कि जिन रेलवे स्टेशनों पर प्रतिदिन 7500 पानी की बोतलें बिक जाती हों, वहां पिछले डेढ़ महीने से पानी का नया स्टाक ही नहीं आया! भोपाल के रेलवे स्टेशनों पर ऐसा ही होता दिख रहा है। जीएसटी सुधार के बाद रेलवे ने बोतलबंद पानी की दरों में एक रुपये की कटौती की थी। अब बोतल 15 रुपये की जगह 14 रुपये लीटर बिकनी थी, लेकिन भोपाल और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यह दर लागू नहीं हुआ। दुकानदार कहते हैं कि बोतल पर प्रिंट रेट 15 रुपया लिखकर आया है तो यही देना होगा।

रेलवे बोर्ड में उप निदेशक कैटरिंग रंगराजन अनंतरत्नम के हस्ताक्षर से 20 सितंबर को सभी महाप्रबंधकों और आईआरसीटीसी के प्रबंध संचालक आदि के लिए एक आदेश जारी किया। इसमें बताया गया कि जीएसटी सुधार के बाद जो स्थिति बनी है उसके तहत बोतलबंद पानी का अधिकतम खुदरा मूल्य एक लीटर वाली बोतल पर 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये और आधा लीटर बोतल के लिए 10 रुपये से घटाकर नौ रुपये करना है। नई दरों को 22 सितंबर से लागू किया जाना था। पांच अक्टूबर की रात यानी 44 दिन बीत जाने के बाद भी यह आदेश भोपाल में लागू नहीं हो पाया।

Related Articles

Back to top button