April 3, 2026 10:40 pm
ब्रेकिंग
पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने... नाई की दुकान में 'मौत का प्लान'! रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाने की थी साजिश; UP ATS ने ऐसे दबोचे 4 संदिग्...
विदेश

Iran New Supreme Leader: मोज्तबा खामेनेई बने ईरान के नए सर्वोच्च नेता; 19वें रमजान को घोषणा करने की क्या है असली वजह? जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

ईरान के सरकारी न्यूज चैनल ने रविवार रात ऐलान किया कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर चुन लिया है. मोजतबा खामेनेई अमेरिकी-इजराइली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं. मोजतबा का नाम लंबे समय से चर्चाओं में चल रहा था और कई मीडिया आउटलेट ने सोर्स के हवाले से बता भी दिया था कि मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है, फिर भी ईरान की सरकार ने इसका ऐलान करने के लिए 19वें रमजान तक का इंतजार किया.

ईरान की ओर से जब सुप्रीम लीडर का ऐलान किया गया, तो ये पवित्र महीने रमजान का 19वां दिन था. इस्लामी तारीख के हिसाब से ये दिन बेहद अहम है. इस्लामी इतिहास में इसी दिन पैगंबर मोहम्मद के चचेरे भाई और दामाद हजरत अली पर जनलेवा हमला हुआ था. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा, “इस्लामी क्रांति के तीसरे सुप्रीम लीडर के तौर पर हिज़ एमिनेंस अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई के सही चुनाव पर बधाई, जो क़द्र की पहली मुबारक रात के साथ हुआ है.”

क़द्र की पहली मुबारक रात और हजरत अली पर हमला

Night of Qadr या शब-ए-क़द्र, जिसे अरबी में लैलतुल क़द्र भी कहा जाता है, रमज़ान के महीने में सबसे पवित्र और खास रात है. इस रात मुसलमानों अल्लाह की इबादत कर उससे दुआं मांगते, कहा जाता है इस रात दुआं कबूल होती हैं. इसकी सिर्फ यहीं वजह नहीं दूसरी वजह हजरत अली की शहादत है.

इराक के कूफा शहर की एक मस्जिद में अब्दुर्रहमान इब्ने मुल्जिम नामक ख़ारिजी ने जहर से भरी तलवार से हजरत अली पर हमला किया था, जो 19 रमजान को फज्र की नमाज के दौरान सजदे में हुआ था. जख्म गंभीर होने के कारण हजरत अली दो दिन बाद 21 रमज़ान को शहीद हो गए.

यह तारीख इस्लामी इतिहास में बहुत खास है और शिया मुसलमानों में इसे मातम और याद के साथ मनाते है. सुन्नी और शिया दोनों में हजरत अली को चौथा खलीफा (या पहला इमाम) माना जाता है.

अली खामेनेई की विरासत को आगे बढ़ाएंगे मोजतबा

ईरान की नेशनल स्क्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने एक्स पर लिखा, “अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई को लीडरशिप सेमिनरी में पाला-पोसा गया है. इंशाअल्लाह उनकी मौजूदगी अच्छाई और आशीर्वाद का जरिया होगी, अपने आदरणीय पिता से मिली शिक्षाओं से वह देश को रास्ता दिखा सकते हैं. हमारी इच्छा है कि अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा.”

Related Articles

Back to top button