February 23, 2026 1:07 pm
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...
धार्मिक

कब होगी कार्तिक मास 2025 की शुरुआत: जानें कार्तिक स्नान का महत्व और महत्वपूर्ण तिथियां

Kartik Month 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, 2025 में कार्तिक मास 8 अक्टूबर, बुधवार से शुरू होकर 5 नवंबर, बुधवार तक रहेगा यह महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है और इस दौरान श्रद्धालु भगवान विष्णु की विशेष पूजा, दीपदान, व्रत और स्नान करते हैं. कार्तिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना कहा जाता है, और इस महीने में किए गए कार्यों का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है.

कार्तिक स्नान का महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि कार्तिक मास में गंगा, यमुनाजी, गोमती, सरस्वती और कावेरी जैसी पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी होता है इस मास में स्नान, दान और व्रत करने से सारे पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. विशेषकर कार्तिक शुक्ल एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक का समय पद्म स्नान कहा जाता है इस दौरान गंगा स्नान करने से जीवन में समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है. शास्त्रों में इसे इतना महत्वपूर्ण बताया गया है कि इसे करने वाले को संसार के सभी पापों से मुक्ति मिलने का वचन दिया गया है.

कार्तिक स्नान की विधि

प्रातःकाल उठें और शुद्ध होकर स्नान करें. पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करें. साफ़ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु या तुलसी माता की पूजा करें. दीपदान करें और व्रत का संकल्प लें. दान-पुण्य करें, जैसे अन्न, वस्त्र और जल का दान. यह विधि ना केवल शास्त्रों में वर्णित है बल्कि हजारों वर्षों से श्रद्धालु इसका पालन करते आ रहे हैं.

कार्तिक 2025 में प्रमुख तिथियाँ

कार्तिक मास की शुरुआत: 8 अक्टूबर, बुधवार

कार्तिक पूर्णिमा: 5 नवंबर, बुधवार

प्रबोधिनी एकादशी: 1 नवंबर, शनिवार

गोवर्धन पूजा: 2 नवंबर, रविवार

देव दीपावली: 5 नवंबर, बुधवार

कार्तिक मास में श्रद्धालुओं के लिए स्नान, व्रत, पूजा और दान करने का विशेष महत्व होता है यह मास केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति पाने का भी समय है. श्रद्धालु इस दौरान भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा करते हैं और अपने जीवन में सफलता, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं, साथ ही, कार्तिक पूर्णिमा, गोवर्धन पूजा और देव दीपावली जैसे त्योहारों का आनंद भी इसी मास में लिया जाता है. माना जाता है कि इस कार्तिक मास में शास्त्रों के अनुसार स्नान और पूजा करने से आपका पुण्य बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य भी आता है.

Related Articles

Back to top button