Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Noida News: 'ढाई-तीन हजार में कैसे चले घर?' नोएडा में सड़कों पर उतरीं हजारों मेड्स, न्यूनतम वेतन को ... Delhi-Dehradun Expressway vs Old Route: मेरठ, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद वालों के लिए कौन सा रास्ता बेह... Kolkata: कोलकाता के डॉक्टर का 'जय श्री राम' कहने पर डिस्काउंट, बंगाली डॉक्टर के फैसले पर बंगाल में र... Bhopal News: भोपाल में 4100 पेड़ कटे पर पौधारोपण का डेटा गायब, भड़का NGT; सरकार से मांगा पिछले 5 साल... Delhi Flood Control: यमुना की बाढ़ से अब सुरक्षित होगी दिल्ली, सरकार बनाएगी 4.72 KM लंबी 'फ्लड प्रोट... Nitish Kumar Resigns: नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, बोले- 'अब नई सरकार काम देखेगी, ... FII Selling: भारतीय बाजार से ₹1.78 लाख करोड़ लेकर निकले विदेशी निवेशक, ये हैं वो 7 बड़े कारण जिनसे ड... Bihar Politics: सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, सर्वसम्मति से चुने गए विधायक दल के नेता Bathinda News: बठिंडा में नाबालिग लड़की से दरिंदगी, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को किया गिरफ्त... CRPF का कांस्टेबल ही निकला नशा तस्कर! भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार, जानें कैसे खुल...

डिंडोरी के बरेंडा गांव में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ जयस ने खोला मोर्चा

डिंडोरी: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के करंजिया जनपद क्षेत्र अंतर्गत बरेंडा गांव में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के खिलाफ जयस ने मोर्चा खोल दिया है। सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले करंजिया जनपद मुख्यालय में महाआंदोलन किया गया। जिसमें जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉक्टर हीरालाल अलावा व कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉक्टर अशोक मर्सकोले सहित आदिवासी समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए।

धरना प्रदर्शन के बाद जयस के राष्ट्रीय संरक्षक के नेतृत्व में रैली निकालकर एकजुटता का संदेश देते हुए प्रदर्शनकारी पुलिस स्टेशन पहुंचे जहां एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। दरअसल बीते दिनों करंजिया के बरेंडा गांव में वन विभाग के द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर आदिवासियों के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया था। साथ ही फसल लगे हुए ज़मीन पर जेसीबी चला दी गई थी, जिसको लेकर आदिवासी समाज लामबंद हो गया है।

मीडिया से बातचीत करते हुए मनावर विधायक व जयस के राष्ट्रीय संरक्षक ने वन विभाग के इस कार्यवाही को तानाशाही करार दिया। हीरालाल अलावा ने प्रदेश सरकार से पीड़ित आदिवासियों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है और इस मामले को विधानसभा में भी उठाने का दावा किया है। हीरालाल अलावा ने कहा की वे और उनका संगठन पीड़ित परिवार के साथ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन करने की बात भी कही है। कांग्रेस पार्टी से मंडला विधानसभा के पूर्व विधायक डॉक्टर अशोक मसकोले ने भी वन विभाग के अधिकारियों पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.