February 23, 2026 9:59 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
मध्यप्रदेश

MP में करोड़ों का गबन, ईओडब्ल्यू ने सीएमओ और बड़े अफसरों पर किया केस दर्ज

मंडला/जबलपुर: मध्यप्रदेश में गबन और सरकारी धन के दुरुपयोग का नया मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन में हलचल मचा दी है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने नगर परिषद मंडला और भुआ बिछिया में बड़े पैमाने पर गबन के आरोप में प्रभारी सीएमओ समेत दो बड़े अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

 मामला क्या है?

मंडला की नगर परिषद निवास में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेश मार्को और लेखापाल शिव कुमार झारिया पर सरकारी राशि के गबन का आरोप है। आरोप है कि दोनों ने 3 करोड़ 80 लाख रुपए की एफडी से 15 लाख 50 हजार 892 रुपए की ब्याज राशि अपने फायदे के लिए गबन कर ली।

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि सहायक ग्रेड-3 दीपक रजक और शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड के संचालक भी इस गबन में शामिल थे।

भुआ बिछिया में भी सरकारी धन का दुरुपयोग

सिर्फ मंडला ही नहीं, भुआ बिछिया नगर परिषद में भी सरकारी धन का गबन हुआ। बताया गया कि दुकान नीलामी से प्राप्त 1 करोड़ रुपए को एफडी में निवेश करने के बाद ब्याज परिषद को न देकर 44 हजार 23 रुपए का गबन कर लिया गया।

 ईओडब्ल्यू की कड़ी कार्रवाई

जबलपुर स्थित ईओडब्ल्यू ने दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, ये मामले भ्रष्टाचार और शासकीय निधि के दुरुपयोग के गंभीर उदाहरण हैं।

इस मामले से प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जनता की निगाह अब ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर बड़े अफसरों के खिलाफ कौन-कौन जिम्मेदार पाए जाते हैं।

Related Articles

Back to top button