March 25, 2026 10:43 pm
ब्रेकिंग
Budaun News: रेलवे की बड़ी सौगात! अब घूमकर नहीं सीधे दिल्ली जाएगी ट्रेन, चेक करें नया रूट West Asia Crisis: LPG, PNG और बिजली दरों पर मंत्री समूह की बैठक में अहम मंथन GST की चोरी, 5 राज्यों में फैला नेटवर्क, करोड़ों का लगाया ‘चूना’… मुरादाबाद से मास्टरमाइंड ‘भूरा प्रध... Arvind Kejriwal in Amreli: 'पंजाब की तरह गुजरात में भी लाएंगे खुशहाली', जनसभा में सरकार पर बरसे केजर... Crime News: ‘डॉक्टर नहीं बॉयफ्रेंड संग रहूंगी’ कह कैश-गहने लेकर भागी लुटेरी दुल्हन, FIR दर्ज Mumbai Dabbawala Crisis: LPG किल्लत से जूझ रही मुंबई की 135 साल पुरानी 'डिब्बा सर्विस', रोजगार पर सं... Petrol News Today: एमपी, महाराष्ट्र और गुजरात में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह, पंपों पर भारी भीड़ Cyber Crime News: मदद के बहाने महिला को बनाया निशाना, सामने आया ठगी का नया तरीका Ludhiana Road Accident: आमने-सामने की भयानक टक्कर, गाड़ियां हुईं चकनाचूर अलर्ट! 31 मार्च को बंद रहेंगी मांस की सभी दुकानें और बूचड़खाने, सामने आई ये बड़ी वजह
देश

92 साल की उम्र में लड़ेंगे राष्ट्रपति का चुनाव, भारत में 90 प्लस की पॉलिटिक्स कितनी एक्टिव

राजनीति एक ऐसी विधा है जिसे लोग जिंदगी की आखिरी सांस तक नहीं छोड़ना चाहते हैं. आमतौर पर लोग 60 और 70 के पड़ाव को पार करने के बाद रिटायरमेंट की जिंदगी जीने लग जाते हैं. लेकिन राजनीतिक जगत में 90 के बाद भी एक्टिव पॉलिटिक्स की संभावना बनी रहती है. कैमरून के राष्ट्रपति 92 साल की उम्र में भी अपनी सियासत को विराम नहीं देना चाहते और इस बुजुर्ग नेता ने ऐलान कर दिया कि वह अपने आठवें कार्यकाल के लिए फिट हैं और चुनावी किस्मत आजमाएंगे.

कैमरून के राष्ट्रपति पॉल बिया ने आज सोमवार को ऐलान किया कि वह अक्टूबर में होने वाले चुनावों में अपना आठवां कार्यकाल पूरा करेंगे. उनकी ओर से यह ऐलान कई महीनों से चल रही अटकलों के बाद किया गया है कि बुजुर्ग नेता अब चुनाव नहीं लड़ेंगे, जिससे चुनावी मुकाबले का माहौल बन गया है.

ज्यादातर बीमार रहते हैं राष्ट्रपति बिया

पॉल बिया अफ्रीकी देश इक्वेटोरियल गिनी के तियोदोरो ओबियांग (Teodoro Obiang) के बाद इस महाद्वीप के दूसरे सबसे लंबे समय तक राष्ट्रपति रहने वाले नेता हैं. हालांकि वह अक्सर बीमार रहते हैं और विदेश में ही रहते हैं. पिछले साल, तो कैमरून में यह अफवाह उड़ गई थी कि उनका निधन हो गया है, जिसके बाद सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से इनका खंडन किया गया.

पॉल बिया इस समय दुनिया के सबसे उम्रदराज राष्ट्र प्रमुख (Head of State) हैं. अब अगर वे इस साल का राष्ट्रपति चुनाव जीत जाते हैं तो अपने सात साल के आठवें कार्यकाल की शुरुआत करेंगे. वह अपना यह कार्यकाल साल 2032 में पूरा करने में कामयाब होते हैं तो उस समय उनकी उम्र 99 साल की होगी.

1982 से ही राष्ट्रपति बने हुए हैं बिया

कैमरून को 1960 में फ्रांस से आजादी मिली थी और वह देश के दूसरे राष्ट्रपति हैं और साल 1982 से ही सत्ता में बने हुए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पोस्ट में कहा, “मैं 12 अक्टूबर 2025 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार हूं. आप निश्चिंत रहें कि आपकी सेवा करने का मेरा दृढ़ संकल्प हमारे सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों के अनुरूप है. ऐसी कोई चुनौती नहीं है जिसका हम साथ मिलकर सामना न कर सकें. अभी तो और भी अच्छा होना बाकी है.”

पॉल बिया से पहले भारतीय मूल के महातिर मोहम्मद मलेशिया के सबसे बुजुर्ग राष्ट्राध्यक्ष (प्रधानमंत्री) रहे हैं. 10 जुलाई को उन्होंने अपना 100वां जन्मदिन मनाया. करीब 5 साल पहले तक वह मलेशिया के प्रधानमंत्री थे और इस तरह तब वह दुनिया के सबसे बुजुर्ग राष्ट्र प्रमुख हुआ करते थे. जब उन्होंने साल 2020 के फरवरी में पीएम पद से इस्तीफा दिया तो वह 95 साल के थे. साथ ही पार्टी भी छोड़ दिया और अगस्त में उन्होंने नई पार्टी का गठन भी कर दिया.

महातिर मोहम्मद ने 97 साल की उम्र में बनाई पार्टी

महातिर मोहम्मद अभी भी राजनीति में लगातार एक्टिव हैं. उन्होंने सितंबर 2022 में ऐलान किया कि अगर कोई अन्य सही उम्मीदवार नहीं हैं तो वह तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं. इसके बाद उन्होंने 97 साल की उम्र में आम चुनाव (19 नवंबर 2022) में अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा, 53 सालों में यह उनकी पहली हार थी.

अब अगर भारत की बात की जाए तो यहां पर भी ऐसे कई नेता मिल जाएंगे जो जिंदगी के 90 वसंत देखने के बाद भी सियासत के मैदान में डटे हुए हैं. 18 मई 1933 को जन्मे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा 92 साल की उम्र में अभी भी राजनीतिक रूप से एक्टिव हैं और राज्यसभा के सांसद हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद वह साल 2020 में संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के लिए चुने गए. वह आज भी संसदीय कार्यवाही में शामिल होते हैं.

भारत में 90 के बाद भी सक्रिय राजनीति

राजस्थान में सूरसागर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सूर्यकांता व्यास 87 साल की उम्र में भी राजनीति में सक्रिय रही थीं. जीजी के नाम से मशहूर सूर्यकांता 6 बार विधायक रही थीं. 2023 के चुनाव वह सूरसागर सीट से टिकट की दावेदार थीं, लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था.

देश की सियासत में 2 बड़े चेहरे हैं जो 90 के बाद भी राजनीति में सक्रिय बने रहे थे. दोनों नेताओं का वास्ता दक्षिण भारत की सियायत से रहा था और दोनों ही मुख्यमंत्री के पद पर कई बार काबिज भी हुए. डीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि (M Karunanidhi) ने 93 साल की उम्र में 2016 के विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी. और 68 हजार से अधिक वोटों के साथ रिकॉर्ड 13वीं बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे.

97 की उम्र में प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष

एम करुणानिधि की तरह वामपंथी नेता वीएस अच्युतानंदन (VS Achuthanandan) भी जीवन के 90 वसंत देखने के बाद भी राजनीति में सक्रिय बने रहे थे. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री अच्युतानंदन ने 93 साल की उम्र 2016 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और वह तब राज्य में सीएम पद के प्रवल दावेदार भी थे. इसी साल वह पहली बार किसी रुपहले पर्दे (मलयालम फिल्म – कैंपस डायरी) पर सामने आए थे. अच्युतानंदन 97 साल की आयु में भी केरल प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष रहे थे. साल 2023 में 20 अक्टूबर को वह 100 साल के हो गए थे. वह इस समय मुख्यमंत्री पद पर काबिज सबसे अधिक समय तक जीवित रहने वाले नेता हैं.

94 साल की उम्र में लोकसभा सांसद

शफीकुर्रहमान बर्क के नाम देश के सबसे बुजुर्ग लोकसभा सांसद होने का रिकॉर्ड है. पिछले साल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 27 फरवरी को शफीकुर्रहमान का निधन हो गया था. तब वह 94 साल के थे और इस दौरान संभल से लोकसभा सांसद भी थे. वो समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए थे और 5 बार सांसद चुने गए थे.

बीजेपी नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी 97 साल के हो गए हैं, हालांकि वह अभी राजनीति में सक्रिय नहीं हैं. आडवाणी के सहयोगी रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी भी 91 साल के हो गए हैं, लेकिन वह भी अभी राजनीति से दूर ही हैं. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार भी अब राजनीति में सक्रिय नहीं हैं.

90 की दहलीज वाले नेता

हालांकि इनके अलावा कुछ अन्य दिग्गज नेता जो 90 की दहलीज पर हैं और राजनीति में लगातार सक्रिय बने हुए हैं. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला 87 साल के हैं और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के प्रमुख हैं. साल 2022 में उन्हें विपक्षी दलों की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया.

अब्दुल्ला के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार (84 साल) और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (82 साल) भी 90 की दहलीज तक पहुंच गए हैं, लेकिन वह अभी भी राजनीति में सक्रिय हैं और ताबड़तोड़ रैली तथा राजनीतिक बैठकों में शामिल होते रहे हैं.

Related Articles

Back to top button