April 1, 2026 4:28 pm
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बिहार

PM मोदी का 4 महीने में चौथा बिहार दौरा, 3 दर्जन सीटों पर होगी नजर, वहां किसकी मजबूत पकड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बिहार के दौरे पर जाने वाले हैं. वह 18 जुलाई को बिहार के दौरे पर रहेंगे, इस दौरान राज्य को हजारों करोड़ से जुड़ी कई परियोजनाओं की सौगात देंगे. चुनावी राज्य बिहार में प्रधानमंत्री का ताबड़तोड़ दौरा हो रहा है, पिछले 4 महीनों में उनका यह चौथा दौरा है. इस दौरे के दौरान उनकी नजर 24 विधानसभा सीटों को साधने की भी रहेगी.

प्रस्तावित बिहार यात्रा के इस चरण में पीएम मोदी शुक्रवार 18 जुलाई को राज्य के पूर्वी चंपारण जिले का दौरा करेंगे. इस दौरान वह एक चुनावी रैली को भी संबोधित करेंगे. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कल सोमवार को इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी मोतिहारी आएंगे और यहां पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे, इस दौरान आसपास के 24 विधानसभा क्षेत्रों के लोग आयोजन में शामिल होंगे.

53वें दौरे के लिए मोतिहारी का चयन क्यों

बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में यहां पर चुनावी रैलियों का दौर शुरू हो चुका है. पीएम मोदी समेत देश के कई दिग्गज नेताओं का बिहार आने का सिलसिला जारी है. पीएम मोदी ने अपने 53वें बिहार दौरे के लिए जिस पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी क्षेत्र का चयन किया है, वो सियासी मायने में बेहद अहम है. नेपाल से सटे पूर्वी चंपारण जिले में विधानसभा की कुल 12 सीटें आती हैं, जबकि सीतामढ़ी और शिवहर इससे सटे हुए जिले हैं. इसके अलावा पूर्वी चंपारण के दक्षिण में मुजफ्फरपुर जिला और पश्चिम की ओर से गोपालगंज तथा पश्चिमी चंपारण जिले आते हैं.

इस यात्रा के जरिए पूर्वी चंपारण जिले में विधानसभा की 12 सीटों के अलावा सीतामढ़ी जिले की 8 सीट, शिवहर जिले की एक सीट और मुजफ्फरपुर तथा गोपालगंज की दर्जनभर सीटों को साधने की कोशिश की जा रही है. इस क्षेत्रों में एनडीए का दबदबा रहा है और उसकी कोशिश 2025 के चुनाव में भी बरकरार रखने या पिछले परिणाम में और सुधार करने की है.

पूर्वी चंपारण में एनडीए का दबदबा

अकेले पूर्वी चंपारण की बात करें तो यहां पर 12 सीटें हैं और 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 9 सीटों पर जीत हासिल हुई थी जबकि राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाले महागठबंधन के खाते में 3 सीटें गई थीं. सीतामढ़ी में 8 विधानसभा सीटें हैं और इसमें एनडीए ने 6 सीटें झटक ली थी, तो महागठबंधन को 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. शिवहर की एकमात्र विधानसभा सीट भी एनडीए के खाते में आई थी.

मुजफ्फरपुर में 11 में से 6 सीटों पर एनडीए ने जीत हासिल की, आरजेडी यहां से 5 सीट जीतने में कामयाब रही थी. इसी तरह पूर्वी चंपारण से सटे गोपालगंज जिले में 6 सीटें आती हैं और इसमें 4 सीटों पर एनडीए को जीत मिली थी. तो कुल मिलाकर पीएम मोदी मोतिहारी में रैली के जरिए राज्य की करीब 3 दर्जन सीटों पर अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे.

पीएम मोदी की प्रस्तावित रैली को लेकर क्षेत्र में माहौल बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी अपनी मुहिम में जुट गई हैं और लोगों को इसके बारे में बताने के लिए कई प्रचार गाड़ियों को तैयार किया है और अलग-अलग क्षेत्र में रवाना भी कर दिया. पूर्वी चंपारण जिले की 12 विधानसभा सीटों में से 8 सीट बीजेपी के खाते में गई थी और एक सीट पर जेडीयू को जीत मिली थी, 3 सीटों पर आरजेडी को जीत हासिल हुई थी. सीतामढ़ी की 8 सीटों में से 4 पर बीजेपी तो 2 पर जेडीयू को जीत मिली थी. 2 सीटों पर आरजेडी का कब्जा हुआ था.

मुजफ्फरपुर जिले में मिल रही कड़ी चुनौती

शिवहर विधानसभा सीट जेडीयू के पास थी लेकिन 2020 के चुनाव में आरजेडी ने यहां पर जीत हासिल की थी. यही हाल मुजफ्फरपुर का भी रहा था जहां की 11 सीटों पर बीजेपी को 5 और एक-एक सीट पर जेडीयू और वीआईपी को जीत मिली थी. 5 सीटों पर आरजेडी और एक सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी. इस तरह से यह ऐसा जिला है जहां पर हर दल की मजबूत पकड़ है. 6 दलों को यहां से जीत हासिल हुई थी.

मुजफ्फरपुर की 11 सीटों में एनडीए को 6 सीटों पर जीत मिली थी, हालांकि बोचहां सीट पर 2020 में एनडीए की सहयोगी दल वीआईपी के मुसाफिर पासवान जीते थे, लेकिन उनके निधन के बाद उनके बेटे 2022 में आरजेडी के टिकट से चुनाव जीत गए. इसी तरह कुर्हानी सीट पर आरजेडी को जीत मिली थी, लेकिन विधायक अनिल कुमार साहनी आपराधिक मामलों में अयोग्य घोषित होने के बाद उपचुनाव में यह सीट बीजेपी के पास आ गई.

बीजेपी का गढ़ माना जाता है चंपारण

पीएम मोदी लगातार बिहार के दौरे पर हैं. उनकी कोशिश एनडीए को एक बार फिर बिहार में जीत दिलाने की है. बतौर प्रधानमंत्री मोदी का यह 53वां दौरा है. जबकि पिछले साल जून में तीसरी बार सत्ता में आने के बाद से यह आठवां दौरा है. वह पिछले 4 महीने से लगातार बिहार आ रहे हैं. पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को मधुबनी, फिर 29 मई को पटना और इसके बाद 20 जून को सीवान को दौरा किया था. फरवरी में भी पीएम मोदी ने बिहार का दौरा किया था.

अब लगातार चौथे महीने में वह पूर्वी चंपारण के दौरे पर आ रहे हैं. पूरे बिहार में यह वह इलाका है जहां पर बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत है. पूर्वी चंपारण (12 सीट) और पश्चिम चंपारण (9 सीट) दोनों जिलों में 21 सीटें हैं जहां पर एनडीए को 17 सीटों पर जीत हासिल हुई जिसमें अकेले बीजेपी को 15 सीटों पर जीत मिली थी.

एनडीए को पिछले चुनाव में बहुमत जरूर मिला था, लेकिन महागठबंधन की ओर से कड़ी चुनौती भी मिली थी. मामूली अंतर से एनडीए को बहुमत हासिल हुआ था. ऐसे में बीजेपी के रणनीतिकार पीएम मोदी की ज्यादा से ज्यादा रैली कराकर राज्य में सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को कम करने और प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश में हैं.

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