March 19, 2026 12:21 am
ब्रेकिंग
चित्तौड़गढ़ में 'कातिल' मधुमक्खियों का तांडव! श्मशान में शव यात्रा पर किया हमला, दो की मौत; 50 लोगों... दिल्ली में गैस माफिया पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! 223 LPG सिलेंडर बरामद, पुलिस ने कालाबाजारी के बड़े खेल ... चीन और ईरान की 'खतरनाक' जुगलबंदी! अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा—ड्रैगन दे रहा है तेहरान को घातक हथ... ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत का 'प्लान-B' तैयार! गैस सप्लाई न रुके इसलिए खर्च होंगे ₹600 करोड़; क्य... Saharanpur Encounter: सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी अपराधी शहजाद, 44 वारदातों को दे ... Delhi Weather Update: दिल्ली में आंधी के बाद झमाझम बारिश, 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसम; जानें अगले 3 ... Bihar Politics: बिहार में CM पद का दावेदार कौन? नीतीश कुमार की 'पहली पसंद' पर सस्पेंस, सम्राट चौधरी ... One Nation One Election: अब मानसून सत्र में आएगा 'महा-फैसला'! JPC की समय सीमा फिर बढ़ी; क्या 2027 मे... Noida Land Eviction: नोएडा में भू-माफिया के खिलाफ बड़ा एक्शन, जेवर एयरपोर्ट के पास 350 करोड़ की जमीन... Weather Update: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में अगले 3 दिन बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, लुढ़केगा पार...
देश

परिवार का इंतजार खत्म, अंतरिक्ष से धरती पर लौटे शुभांशु…पत्नी कामना ने कुछ इस तरह की स्वागत की तैयारियां

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में 18 दिन बिताकर मंगलवार को धरती पर सुरक्षित लौट आए हैं. उनके वापस आने से न केवल उनके घर में बल्कि पूरे देश में खुशी का माहौल है. शुभांशु की पत्नी कामना ने उनके स्वागत के लिए कुछ अलग ही तैयारी की है. जिसमें उन्होंने घर का बना खाना, परिवार के साथ सुकून भरा समय बिताना और कुछ ऐसी कहानियां साझा करना जो हमारी धरती से परे हो शामिल हैं.

अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आईएसएस पर पहुंचने वाले पहले और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं. उन्होंने 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा से स्पेसएक्स के लिए अपनी उड़ान भरी थी. तभी से उनकी पत्नी कामना अमेरिका में रहकर उनके वापस आने का इंतजार कर रही थीं.

‘शुभांशु से मिलना मेरे लिए किसी उत्सव से कम नहीं है’

अंतरिक्ष से वापस लौटे शुभांशु की पत्नी कामना ने बताया कि शुभांशु धरती पर वापस सुरक्षित लौट आए हैं, तो हमारा पूरा ध्यान यह सुनिश्चित करने में होगा कि वह अब पृथ्वी के जीवन में आसानी से ढल जाएं. उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस अविश्वसनीय यात्रा के बाद फिर से मिलना अपने आप में एक उत्सव है. कामना ने कहा कि मैं जानती हूं कि अंतरिक्ष में रहने के दौरान उन्हें घर का खाना बहुत याद आया होगा इसलिए मैं अभी से उनके कुछ पसंदीदा व्यंजन बना रही हूं.

अंतरिक्ष से लौटने के बाद शुभांशु अब ह्यूस्टन में क्वारंटाइन में हैं. वह 23 जुलाई तक क्वारंटाइन में रहेंगे. परिवार के करीबी लोग भी उनसे सीमित मुलाकात कर सकेंगे. शुभांशु की पत्नी कामना अपने छह साल के बेटे कियाश के साथ वहां पहले से ही मौजूद थी.

इंस्टाग्राम पर दिल छू लेने वाली पोस्ट की साझा

शुभांशु ने बुधवार शाम को इंस्टाग्राम पर अपनी पत्नी और बेटे के साथ कुछ ऐसी तस्वीर साझा कि जो लोगों के दिल को छू रहीं हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि यह चुनौतीपूर्ण था. पृथ्वी पर वापस आना और अपने परिवार को अपनी बाहों में लेना घर जैसा लगा. मानव अंतरिक्ष यान मिशन जादुई होते हैं, लेकिन इन्हें इंसानों ने ही जादुई बनाया है. अंतरिक्ष उड़ान अद्भुत होती है, लेकिन लंबे समय के बाद अपने प्रियजनों को देखना भी उतना ही अद्भुत होता है.

उन्होंने लोगों को अपने प्रियजनों की कद्र करने की सलाह देते हुए लिखा कि मुझे क्वारंटाइन में आए 2 महीने हो गए हैं. क्वारंटाइन के दौरान परिवार से मिलने के लिए हमें 8 मीटर की दूरी बनाए रखनी पड़ती थी. मेरे छोटे बच्चे को यह बताना पड़ता था कि उसके हाथों में कीटाणु हैं, इसलिए वह अपने पिता को छू नहीं सकता. हर बार जब वह मिलने आता था, तो अपनी मां से पूछता था कि क्या मैं अपने हाथ धोकर पिता को छू सकता हूं? उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि आज ही आप अपने किसी प्रियजन को खोजें और उन्हें बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं. हम अक्सर जिंदगी में व्यस्त हो जाते हैं और भूल जाते हैं कि हमारे जीवन में लोग कितने महत्वपूर्ण हैं.

‘शुभांशु के फोन कॉल आना मुझे सबसे ज्यादा पसंद’

कामना ने बताया कि शुभांशु के अंतरिक्ष में बिताए 18 दिनों के दौरान उनके फोन कॉल्स आना उन्हें अत्यधिक पसंद थे. उन्होंने कहा कि डॉकिंग के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से उनका फोन आना एक अप्रत्याशित और अद्भुत आश्चर्य था. उनकी आवाज सुनना और यह जानना कि वे सुरक्षित हैं, मेरे लिए बहुत मायने रखता था. कामना ने बताया कि हमारी बातचीत आमतौर पर उनकी दैनिक गतिविधियों, उनके द्वारा किए गए अनोखे प्रयोगों और कुछ ऐसे असाधारण अनुभवों जो पृथ्वी से बिल्कुल अलग थे उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती थी. उन्होंने बताया कि मैं हर रोज उनके फोन का इंतजार करती थी और ये फोन कॉल्स 18 दिनों तक मेरे हर एक दिन का मुख्य आकर्षण केंद्र रहे.

‘सभी देशवासियों की आभारी हूं’

कामना ने कहा कि शुभांशु की घर वापसी देश के लिए और परिवार वालों के लिए खुशी मनाने का एक महत्वपूर्ण मिश्रण है. उन्होंने कहा कि हम देश भर से मिले समर्थन और गर्मजोशी के लिए बेहद आभारी हैं. कामना ने कहा कि जहां पूरा देश उनकी असाधारण उपलब्धि का जश्न मना रहा है और हमारा परिवार उनके साथ बिताए शांत और निजी पलों को संजोए रखेगा. खुशी के ये पल, जानी-पहचानी कहानियां साझा करना, हंसी-मजाक करना और साधारण सुखों का आनंद लेना ही हमारा जश्न मनाने का तरीका है.

‘साथी से अलग रहना बहुत ही दर्दनाक होता है’

कामना ने कहा कि मैने अनुभव किया कि अंतरिक्ष यात्राओं में लंबे समय तक अलग रहना दर्दनाक होता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इसके साथ तालमेल बिठा लिया है. इस तरह एक दूसरे से दूर होने से उनके रिश्ते को और मजबूती मिली है. उन्होंने बताया कि उनके वायुसेना के सफर ने हमें लचीलापन और अनुकूलता सिखाई है, जिसमें वजह से इस तरह से एक दूसरे से अलग होकर संभलना आसान हो गया है. उन्होंने कहा कि कई मायनों में, अलग होने से हमारे रिश्ते को और मजबूत किया है, हमें धैर्य, समझ और एक-दूसरे के सपनों के प्रति अटूट समर्थन सिखाया है. कामना ने कहा कि हम इस विचार को स्वीकार करते हैं कि कोई भी सच्ची मूल्यवान चीज आसानी से नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि जब आप खुद को किसी ऐसे महत्वपूर्ण मिशन या पेशे के लिए समर्पित करते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से दूरी के साथ आने वाली भावनात्मक चुनौतियों से पार पाना सीख जाते हैं.

शर्मिले युवक से कई युवाओं का आदर्श बनना मेरे लिए गर्व की बात

कामना ने बताया कि शुभांशु शुरू से ही काफी शर्मीले थे. उन्होंने कहा कि उन्हें अंतरिक्ष के छात्रों के साथ इतने आत्मविश्वास और खुशी से बातचीत करते देखकर मुझे बहुत गर्व और खुशी हुई. एक शर्मीले युवक से लेकर अनगिनत युवा मन को प्रेरित करने वाले एक व्यक्ति के रूप में देखना मेरे लिए अविश्वसनीय और भावुक कर देने वाला था. उन्होंने बताया कि शुभांशु के मिशन का सार हमेशा युवा पीढ़ी को STEM क्षेत्रों में आगे बढ़ने, नवाचार करने और अत्याधुनिक तकनीक को भारत में लाने के लिए प्रेरित करना था. अंतरिक्ष यात्री बनने का रास्ता चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अविश्वसनीय रूप से फायदेमंद भी है. उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि जो लोग इस रास्ते को चुनेंगे, वे न केवल व्यक्तिगत संतुष्टि प्राप्त करेंगे, बल्कि हमारे राष्ट्र के लिए सम्मान और गौरव का क्षण भी लेकर आएंगे.

Related Articles

Back to top button