February 12, 2026 8:09 pm
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
मध्यप्रदेश

खुदाई में मिली ऐसी चीज… एक रात में अमीर बन गया मजदूर, सालों से खदान में काम कर रहे थे पति-पत्नी

किस्मत कभी भी बदल सकती है… मध्य प्रदेश के छतरपुर के एक छोटे से गांव कटिया में रहने वाले मजदूर दंपति हरगोविंद यादव और उनकी पत्नी पवन देवी यादव पर ये लाइन एकदम सटीक बैठती है. पिछले पांच सालों से हीरे की तलाश में लगातार खदानों पर मजदूरी का काम कर रहे इस कपल को अचानक खुदाई के दौरान आठ हीरे मिले, जिनमें कुछ पक्के (उच्च गुणवत्ता वाले) और कुछ कच्चे (कम गुणवत्ता वाले) हीरे शामिल हैं.

हरगोविंद और पवन देवी यादव, जिन्होंने अपना पेट पालने और गुजारा के लिए दिन-रात खदानों में कड़ी मेहनत की है. उनके हाथों में अब भी मेहनत के छाले पड़े हुए हैं. इन हाथों ने पिछले लगभग पांच सालों तक लगातार हीरे की तलाश में जमीन खोदी. उनकी कड़ी मेहनत और सब्र का फल है, जो आज उनकी किस्मत ने करवट ली और उन्हें खुदाई के दौरान आठ हीरे मिले.

पहले भाई को मिला था हीरा

यह पहली बार नहीं है जब इस परिवार को हीरा मिला है. इससे पहले हरगोविंद के छोटे भाई को भी एक हीरा मिला था, जिसकी कीमत लगभग ढाई से तीन लाख रुपये थी. हालांकि, उस समय जानकारी ने होने की वजह से उस हीरे के सिर्फ एक लाख रुपये ही मिल पाए थे, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ था. तीन लाख के कीमत वाले हीरे में महज एक लाख में ही उन्होंने बेच दिया था.

10 से 12 लाख हो सकती है कीमत

लेकिन, इस बार आठ हीरों के मिलने से मजदूर दंपति की किस्मत पूरी तरह से चमक उठी है. अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन आठ हीरों की कीमत 10 से 12 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है. हीरों की वास्तविक कीमत का आकलन करने के लिए उन्हें पहले संग्रहालय में जमा किया जाएगा, जहां उनका विधिवत परीक्षण किया जाएगा और फिर उनकी गुणवत्ता के आधार पर कीमत तय की जाएगी. यह घटना हरगोविंद और पवन देवी यादव के लिए एक नया सवेरा लेकर आई है, जो उनकी बरसों की मेहनत और संघर्ष का मीठा फल है.

Related Articles

Back to top button