February 23, 2026 9:21 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
छत्तीसगढ़

स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण, भविष्य की चुनौतियों का सामना करने बच्चों को दी गई ट्रेनिंग

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: मनेंद्रगढ़ विकासखंड में कक्षा एक से लेकर 12 वीं तक छात्र-छात्राओं के लिए पांच दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कैंप में 143 बच्चे शामिल हुए. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को राष्ट्र सेवा से लेकर साहसपूर्ण कार्य को करने जैसे कई प्रकार के साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया.

शुक्रवार को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में एमसीबी के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत के सभापति भगत बाबू शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को दिए गए प्रशिक्षण की जानकारी ली और बच्चों को शुभकामनाएं दी.

जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मीरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में साहस, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करना है. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से छात्र-छात्राओं को भविष्य में विभिन्न चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी.

जांच प्रशिक्षण और शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें बच्चों को कब बुलबुल और स्काउट गाइड का प्रशिक्षण कराया. बच्चों को स्ट्रेचर बनाना और साहसिक गतिविधियों का पूरा आयोजन कराया गया- दल बहादुर सिंह, स्काउट गाइड प्रभारी

पांच दिवसीय कैंप में कक्षी 1 से 12वीं तक के बच्चे शामिल हुए. बच्चों को एकता, अनुशासन और देश की सेवा से समर्पित भाव से ये आयोजन किया जाता है. 143 बच्चे स्काउड गाइड कैंप में शामिल हुए – आर पी मीरे, जिला शिक्षा अधिकारी, एमसीबी

भारत स्काउट गाइड प्रशिक्षण: बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया और अपनी गतिविधियों का प्रदर्शन किया. अधिकारी ने बताया कि बच्चों की भागीदारी और उत्साह ने कार्यक्रम को सफल बनाया.

स्काउट गाइड प्रशिक्षण का उद्देश्य: आयोजन का उद्देश्य बच्चों को स्काउट और गाइड के माध्यम से जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद करना था. इससे बच्चों को अपने व्यक्तित्व को विकसित करने और समाज में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा सके.

भारत में स्काउट गाइड: भारत में स्काउटिंग की शुरुआत 1909 में हुई. कैप्टन टी.एच. बेकर ने बैंगलोर में पहली स्काउट टुकड़ी की स्थापना की और उसे लंदन स्थित शाही मुख्यालय में पंजीकृत कराया. इसके बाद, 1910 और 1911 में बैंगलोर, कलकत्ता, किरकी (पुणे), शिमला, मद्रास, जबलपुर, लोनावला (मुंबई) में स्काउट टुकड़ियां गठित की गईं. ये इकाइयां सिर्फ यूरोपीय और एंग्लो-इंडियन बच्चों के लिए खुली थीं.

बाद में पहली गाइड कंपनी भारत में साल 1911 में मध्य भारत के जबलपुर में शुरू हुई. इसके बाद हावड़ा. कोलकाता, मुंबई, चेन्नई और अन्य शहरों में कई गाइड कंपनियां गठित की गई. भारतीय गर्ल गाइड्स की पहली कंपनी 1916 में पुणे में गठित की गई. बाद में, विभिन्न शहरों में कई गाइड कंपनियाँ गठित की गईं.

Related Articles

Back to top button