February 13, 2026 3:42 am
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
दिल्ली/NCR

RSS और BJP के लिए अपनी सोच बदलनी होगी… मुसलमानों से फिरोज बख्त अहमद की अपील

दिल्ली में गुरुवार को हरियाणा भवन में आरएसएस-मुस्लिम सम्मेलन में संघ प्रमुख मोहन भागवत, दत्तात्रेय होसबाले, कृष्ण गोपाल, इंद्रेश कुमार और राम लाल ने मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत की. इस मौके पर मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के पूर्व कुलपति, आरएसएस और भाजपा के समर्थक फिरोज बख्त अहमद ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विश्वास जीतने के लिए वास्तविक कदम उठाने की जरूरत है.

फिरोज बख्त अहमद ने कहा, वक्फ संशोधन बिल एक अच्छा कदम है लेकिन मुसलमानों को लगता है कि भाजपा उनकी मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों पर कब्जा करना चाहती है, जो एक गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार को गरीब मुस्लिम छात्रों और विधवाओं के लिए छात्रावास और शिक्षा के लिए धन आवंटित करना चाहिए था, जो विश्वास निर्माण का एक अच्छा तरीका होता.

मोहन भागवत मुसलमानों के प्रति कभी नकारात्मक नहीं रहे

फिरोज बख्त अहमद ने कहा, मुसलमानों को भी अपनी सोच बदलनी होगी और आरएसएस और भाजपा के प्रति अपनी विरोधी विचारधारा को बदलना होगा. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चुनाव के दौरान भाजपा को हराने के लिए वोट देने की बजाय अपने वोटों को एकजुट करना चाहिए. मोहन भागवत के बारे में फिरोज बख्त अहमद ने कहा, वो एक शांतिप्रिय और आध्यात्मिक नेता हैं, जो मुसलमानों के प्रति कभी नकारात्मक नहीं रहे.

मुसलमानों और आरएसएस के बीच पुल बनाने की कोशिश की

उन्होंने कहा कि भागवत ने हमेशा मुसलमानों और आरएसएस के बीच पुल बनाने की कोशिश की है. आरएसएस को ऐसे मुस्लिम चेहरों को बढ़ावा देना चाहिए जो समुदाय और देश के लिए काम कर रहे हैं और जिन्हें समुदाय द्वारा भरोसा किया जाता है. उन्होंने कहा कि मुसलमान भाजपा के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और सरकार से जीवन की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं.

Related Articles

Back to top button