February 24, 2026 7:28 pm
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
छत्तीसगढ़

गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर निकली शहादत यात्रा लोरमी पहुंची

लोरमी: सिख धर्म के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के अवसर पर शहादत यात्रा लोरमी पहुंची. इस पावन अवसर पर स्थानीय सिख समाज ने श्रद्धा और उत्साह के साथ इस यात्रा का स्वागत किया. छत्तीसगढ़ सिख संगठन द्वारा ये यात्रा निकाली गई है.

रायपुर से शुरू होकर लोरमी तक पहुंची यात्रा: यह यात्रा रायपुर से आरंभ हुई थी और पंज प्यारों की अगुवाई में नगर भ्रमण करते हुए लोरमी पहुंची. शबद-कीर्तन और धार्मिक गीतों के माध्यम से वातावरण भक्तिमय बना रहा. यात्रा के मार्ग में लोगों ने सड़कों पर फूल बिछाकर श्रद्धा प्रकट की और गुरु साहिब को नमन किया.

गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन: यह यात्रा लोरमी गुरुद्वारा पहुंची, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब जी के दर्शन किए और अरदास की. गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसका मंच संचालन सिख समाज के मीडिया प्रभारी आकाश सलूजा ने किया.

गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान: गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने कश्मीरी पंडितों की पुकार पर धर्म, तिलक और जनेऊ की रक्षा के लिए मुगल शासक औरंगजेब की अत्याचारी नीतियों का विरोध किया. इसके परिणामस्वरूप, उन्हें उनके तीन प्रमुख साथियों भाई सती दास, भाई मति दास और भाई दयाला जी और सैकड़ों अनुयायियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया.

दिल्ली के चांदनी चौक में इन महान शहीदों को बेहद क्रूर तरीके से शहीद किया गया. भाई सती दास जी को आरी से चीर दिया गया, भाई मति दास जी को जीवित जला दिया गया और भाई दयाला जी को उबालकर मार दिया गया. अंततः गुरु तेग बहादुर जी का शीश धड़ से अलग कर दिया गया. आज भी शीश गंज और रकाब गंज गुरुद्वारा इन शहीद स्थलों की गवाही देते हैं.

सिख समुदाय, देशभक्ति और सेवा का प्रतीक: सिख समाज का इतिहास देशभक्ति, बलिदान और सेवा से भरा हुआ है. मुगल काल से लेकर आज तक, चाहे 1965 व 1971 के युद्ध हों या कोरोना महामारी, सिख समाज ने हर संकट में अग्रणी भूमिका निभाई है. यह यात्रा न सिर्फ श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी गुरु साहिब के बलिदान और मूल्यों की याद दिलाती है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button