अवैध रेत उत्खनन के साइड इफेक्ट, हाराडुला का धंसा पुल ,दो दर्जन गांव प्रभावित

कांकेर : जिले की नदियों में अवैध रेत उत्खनन का साइड इफेक्ट अब खुलकर सामने आने लगा है. रेत तस्करों ने नदियों का सीना छलनी करके पुल को कमजोर कर दिया है.ऐसा ही मामला हाराडुला में सामने आया है. चारामा-नरहरपुर मार्ग में हाराडुला में महानदी पर बना 428 मीटर लंबे पुल के फाउंडेशन से रेत बहने से धंसने लगा है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि नदी से काफी अधिक अवैध रेत उत्खनन से ही पुल को नुकसान पहुंचा है.
पुल धंसने से मचा हड़कंप : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह 10 बजे चारामा की ओर से आ रही ट्रक जैसे ही हाराडुला पुल के बीच पहुंची अचानक पुल धंसने लगा.चालक ने ट्रक की स्पीड़ बढ़ा पुल से ट्रक को बाहर निकाला. इससे बड़ा हादसा तो टल गया, लेकिन पुल धंसने से हड़कंप मच गया. पुल धंसने की घटना के बाद जांच के लिए पहुंची प्रशासन की संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कह दिया है, पुल अब आवागमन योग्य नहीं रहा. इसके बाद पुल को बंद कर दिया गया.
अवैध उत्खनन के कारण पुल टूटा है. पहले यहां पर 10 फीट तक रेत रहता था.लेकिन अब दिन रात अवैध खनन करके नदी को गहरा कर दिए हैं.जिसके कारण पुल क्षतिग्रस्त हुआ है. रात को सो जाने के बाद अवैध उत्खनन का काम होता है-तोषन कुमार साहू ,ग्रामीण
मैं हाराडुला का रहने वाला हूं.रोजाना एक किलोमीटर दूर दूसरी तरफ स्कूल आता जाता हूं.लेकिन अब पुल धंस जाने से स्कूल आने जाने में परेशानी होगी. अब घूमकर जाने में ज्यादा समय लगेगा-टिकेश्वर यादव, स्टूडेंट हाराडुला
ग्रामीणों ने लगाए बेरिकेड्स : घटना के बाद जागरूक ग्रामीणों ने वहां से गुजर रहे लोगों को रोका, पुल के ऊपर से वाहन समेत जाने मना कर दिया. सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. दोनों ओर बैरिकेड्स और कटीले तार रखकर पुल को बंद करा दिया.
पुल के धंस जाने से आसपास के गांवों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है. यदि कोई मरीज हुआ तो उसे कैसे अस्पताल तक पहुंचाएंगे.यही नहीं पुल धंसने से भारी वाहन भी अब गांव में नहीं आ जा सकेंगे-कलिता गोटी, सरपंच सारथुनवागांव
जिला प्रशासन ने पुल की जांच की : जिला प्रशासन ने आनन-फानन में लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निर्माण की संयुक्त टीम जांच के लिए भेजी. टीम ने पहुंच कर जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आएं. जांच में पाया गया बाढ़ के कारण 428.18 मीटर लंबे जलमग्नीय बॉक्स टाइप पुल के 8वें नंबर के बॉक्स यूनिट का एप्रान क्षतिग्रस्त हो गया है. वहां बॉटम स्लैब, टॉप स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया है.
हल्के वाहनों का भी पुल से निकलना मुश्किल : पुल के 8वें यूनिट के क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्य यूनिट भी प्रभावित और कमजोर हो चुके हैं.जिसके कारण भारी वाहन उक्त पुल से भारी तो दूर हल्के वाहन के भी आवागमन से कभी भी पुल ढह सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है.जानमाल की हानि हो सकती है.
कब बना था हारडुला पुल : 18 साल पहले बीजेपी के कार्यकाल में 2007 में हाराडुला पुल बनाया गया था. इस पुल की लंबाई 428.18 मीटर है. इस पुल की मांग लंबे समय से किया जा रहा था. जिसे तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह ने स्वीकृत किया था.





