स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से मरीज परेशान, सरकारी अस्पतालों की स्थिति चरमराई

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं. एनएचएम कर्मचारी संघ ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखी है. जिसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गईं हैं.बलरामपुर जिला मुख्यालय में 600 से ज्यादा कर्मचारियों ने काम बंद कर रखा है.जिसके कारण शासकीय अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज काफी ज्यादा परेशान हो रहे हैं.मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है.जिनके पास पैसे हैं वो प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं.लेकिन जिनकी आमदनी ही खुद का खर्च उठा रहा हो ऐसे मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट रहे हैं.
दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल : एनएचएम के अंतर्गत रामचंद्रपुर ब्लॉक के बीपीएम गुलाब डहरिया ने ईटीवी भारत से बात करते हुए बताया कि अपनी दस सूत्रीय मांगों लेकर एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं.
हमारी प्रमुख मांगें स्थायीकरण ग्रेड पे निर्धारण, लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, कार्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, अनुकम्पा नियुक्ति, दस लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, स्थानांतरण नीति, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना सहित दस मांगें हैं. जब तक शासन हमारी मांगें पूरी नहीं करती तब तक हमारा अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा- गुलाब डहरिया, बीपीएम
मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगी हड़ताल : वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की महिला स्वास्थ्य कर्मी ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि आज हमारे हड़ताल का पांचवां दिन है. हमारी दस सुत्रीय मांगें हैं. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक ये अनिश्चितकालीन हड़ताल चलता रहेगा.
हमारे एनएचएम कर्मी लंबे समय से संविदा प्रथा से जूझ रहे हैं. कोविड काल में भी हमने योद्धा बनकर काम किया है. लेकिन हमें हमारे अधिकार से वंचित रखा गया है. जब तक हमारा नियमितीकरण नहीं होगा तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे- सिंधु गुप्ता, NHM कर्मी
ये हैं NHM कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगें
- संविलियन एवं स्थायीकरण – अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कर्मचारियों को स्थायी किया जाए.
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना – स्वास्थ्य सेवाओं में स्थायीत्व लाने एक अलग कैडर बनाया जाए.
- ग्रेड पे का निर्धारण – समान काम के लिए समान वेतन की नीति लागू हो.
- 27% लंबित वेतन वृद्धि – जुलाई 2023 से रुकी वेतन वृद्धि लागू की जाए.
- कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता – CR सिस्टम में निष्पक्षता लाई जाए.
- नियमित भर्ती में आरक्षण – भर्ती में 50% सीटें NHM कर्मियों के लिए आरक्षित हों.
- अनुकंपा नियुक्ति – ड्यूटी के दौरान मृत कर्मचारियों के परिजनों को नौकरी दी जाए.
- मेडिकल और अन्य अवकाश – सवैतनिक छुट्टियों की सुविधा मिले.
- स्थानांतरण नीति – मानवीय आधार पर पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी बनाई जाए.
- 10 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा – गंभीर बीमारी या हादसे में आर्थिक मदद की सुविधा मिले.
अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित : बलरामपुर जिले के विभिन्न शासकीय अस्पतालों में छह सौ से अधिक एनएचएम के कर्मचारी हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण आधार भी है अपनी दस सुत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को भी परेशानी हो रही है और साथ ही स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रभावित हो रही है.





