वेतन के डीए में मोदी की गारंटी लागू हो, छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों की साय सरकार से मांग

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. नक्सल प्रभावित बस्तर में भी इसका असर दिख रहा है. यहां कर्मियों और अधिकारियों ने साय सरकार से महंगाई भत्ता यानि की डीए में मोदी की गारंटी लागू करने की जोरदार मांग उठाई. शुक्रवार को सभी कर्मी नारायणपुर जिला मुख्यालय के बाजार स्थल पर जुटे.
डीए में मोदी की गारंटी लागू हो: कर्मचारियों ने साय सरकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की जोरदार मांग उठाई. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और पेंशन भोगियों के लिए मोदी की गारंटी लागू की जाए. इसके तहत न्यूनतम 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य सुविधाएं तत्काल लागू की जाएं. कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जुलाई 2019 से समय-समय पर केंद्र सरकार की तरह महंगाई भत्ते की लिंकिंग राज्य सरकार से करने की मांग की है.
वेतन विसंगति और वेतन निर्धारण का ख्याल रखा जाए. कर्मचारियों को 6वें वेतन आयोग की अनुशंसा लागू कर फायदा पहुंचाया जाए. इसके साथ पेंशनर्स को पेंशन पुनरीक्षण का लाभ दिया जाए- डॉक्टर दीपेश रावटे, जिला संयोजक, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ
कर्मचारियों की अन्य मांगें: इन मांगों में राज्य के संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, अनुकंपा नियुक्ति में छूट, शिक्षाकर्मी और अन्य कर्मियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने की मांग की गई है. इसके साथ ही सेवाओं में कर्मचारियों की उम्र सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष करने की भी शर्त रखी गई है. कर्मचारी सेवाकाल की अनिवार्य वार्षिक वेतनवृद्धि को लागू करने जैसी मांगें भी कर्मचारी और अधिकारी फेडरेशन ने की है.
वर्षों से हम सरकार के आश्वासन पर भरोसा कर आंदोलन को स्थगित करते आए हैं. हमारे साथ सरकार बार-बार वादाखिलाफी कर रही है. इस बार यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को राज्य स्तर पर किया जाएगा. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा-डॉक्टर दीपेश रावटे, जिला संयोजक, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ
इस बार कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने धरना प्रदर्शन से साफ संदेश दिया है कि अब कर्मचारी सरकार से टकराव की राह पर हैं. राज्य में कर्मचारी और अधिकारी अब मोदी की गारंटी लागू करने की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही वेतन विसंगति और पेंशन पुनरीक्षण करने की मांग कर रहे हैं. संविदा कर्मचारियों ने भी यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान नियमितीकरण की मांग की है. मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों ने वृहद स्तर पर आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है.





