शतरंज प्रतियोगिता से राष्ट्रीय स्तर के लिए 16 खिलाड़ियों का चयन, फीडे रेटिंग भी मिली

कोरबा: राज्य स्तरीय अंडर 17 और 19 फीडे(अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) रेटेड चेस चैंपियनशिप का शुक्रवार को सीएसईबी स्थित सीनियर क्लब में समापन हुआ. 3 दिनों तक 8 राउंड में हुई इस चेस चैंपियनशिप में प्रदेश भर के 22 जिलों के महिला और पुरुष वर्ग के खिलाड़ी शामिल हुए.
इस प्रतियोगिता से राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए 16 खिलाड़ियों का चयन किया गया है. तो प्रदर्शन के आधार पर लगभग 30 खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय शतरंज संघ से फीडे रेटिंग भी मिलेगी. प्रतियोगिता के अंतिम दिन कोरबा विधायक और कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन भी पहुंचे थे. जिन्होंने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया और खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों को भी बताया.
इस तरह मिलती है रेटिंग और ग्रैंड मास्टर तक का सफर : जिले में आयोजित राज्य स्तर की प्रतियोगिता में अंडर 17 और 19 दोनों ही वर्ग के खिलाड़ी शामिल हुए. दोनों को मिलाकर महिला पुरुष वर्ग में कुल 16 खिलाड़ी चुने गए. जो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलेंगे. चेस के खेल में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले खिलाड़ी के लिए फीडे रेटिंग काफी महत्वपूर्ण होती है. जिससे किसी खिलाड़ी का स्तर तय होता है.
वर्तमान प्रतियोगिता में यह रेटिंग प्रदान की जा रही है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय आर्बिटर भी कोरबा पहुंचे हुए हैं. फिलहाल इस प्रतियोगिता में 43 ऐसे खिलाड़ी हैं. जिन्हें पहले से ही फीडे द्वारा रेटिंग दी गई है. कोरबा में हुए आयोजन के बाद लगभग 30 ऐसे नए खिलाड़ी और जुड़ेंगे, जिन्हें रेटिंग मिल जाएगी. नए खिलाड़ी को रेटिंग प्राप्त करने के लिए किसी रेटेड खिलाड़ी को हराना पड़ता है. इसके बाद ही किसी खिलाड़ी को रेटिंग दी जाती है. यही रेटिंग बढ़कर जब 2500 तक पहुंच जाती है तब ग्रैंड मास्टर की उपाधि मिलती है.
जमशेदपुर में होगी राष्ट्रीय प्रतियोगिता : राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी प्रभमन सिंह मल्होत्रा ने बताया “फिलहाल मेरी रेटिंग 1736 है जोक अब कुछ बढ़ेगी. वर्तमान प्रतियोगिता जीतने के बाद अब मैं जमशेदपुर में राष्ट्रीय स्तर पर खेलूंगा. जहां रैंक हासिल करने का प्रयास रहेगा, यह प्रतियोगिता अच्छी रही. मेरा लक्ष्य है कि एक दिन मैं भी ग्रैंड मास्टर बनू. देशभर में अभी 89 ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं. खेल में अच्छा स्कोप है.”
महिला वर्ग की चैंपियन तनीषा ने बताया “शतरंज का खेल काफी बढ़िया होता है, यहां जीतने के बाद अब मैं आगे की प्रतियोगिता में शिरकत करूंगी. शतरंज से पढ़ाई में भी दिमाग एकाग्रचित रहता है, तो सभी को शतरंज खेलना चाहिए.
बच्चों को देना चाहिए बढ़ावा : विजेता प्रभमन के पिता सुखबीर सिंह ने बताया “बच्चों को प्रोत्साहित करना पड़ता है. वह जहां भी जाते हैं. उन्हें मैं साथ लेकर जाता हूं, बच्चे छोटे हैं अगर पेरेंट्स का साथ नहीं मिलेगा तो वह इतनी तरक्की नहीं कर पाएंगे. अब वह जमाना नहीं रहा जब खेलने कूदने से बच्चे खराब होते थे. बल्कि अब खेल में काफी स्कोप है, सरकार भी काफी योजना चला रही है. इसलिए बच्चों को खेलों में जरूर बढ़ावा मिलना चाहिए.”





