डीए और वेतन बढ़ाने की मांग पर कर्मचारियों का हल्ला बोल, सरकार को दी चेतावनी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालय में के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया. राजधानी रायपुर के इनडोर स्टेडियम के ग्राउंड में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के अधिकारी और कर्मचारी जुटे. उन्होंने 11 सूत्रीय मांगों को लागू करने की मांग की है. इसके साथ ही मोदी की गारंटी पूरी करने की अपील की है.
बार बार हमारी मांगें की जा रही अनसुनी: छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने मांग की और आरोप लगाया कि बार बार उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है. इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की गई. इसलिए सरकारी कर्मचारियों औऱ अधिकारियों को सड़क पर उतरकर अपनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है. अगर इस एक दिवसीय प्रदर्शन के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे.
हम 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके पहले धरना ज्ञापन और रैली के माध्यम से सरकार को जगाने का प्रयास किए हैं. हम आंदोलन के पक्षधर नहीं है. सरकार से संवाद के माध्यम से अगर हमारी समस्या का समाधान हो जाता है तो हम आंदोलन नहीं करना चाहते हैं. वर्तमान में सरकार कुंभकरण निंद्रा में सोई हुई है. हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो हम पूरा कामकाज ठप कर देंगे- संजय शर्मा , संभागीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की मुख्य मांगें: छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने कुल 11 सूत्रीय मांगें की है. जो इस प्रकार है.
- केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए.
- DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए.
- सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए.
- लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए.
- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए. पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए.
- सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए. नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए.
- अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए.
- प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए.
- अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए.
- दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने.
- सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए





