बिलासपुर रेलवे यार्ड पर बड़ा हादसा, चंद मिनटों में मच गई अफरा तफरी

बिलासपुर: एक लापरवाही कितनी भारी पड़ती है इसका उदाहरण बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला. यार्ड में खड़ी ट्रेन की सफाई के लिए कोच की छत पर चढ़ा ठेका मजदूर करंट की चपेट में आ गया. घायल ठेका मजदूर का नाम प्रताप बर्मन है और वो मुलमुला का रहने वाला है. ठेका मजदूर प्रताप बर्मन आम दिनों की तरह यार्ड में खड़ी एक्सप्रेस ट्रेन के एक्स्ट्रा कोच की सफाई का काम कर रहा था. ट्रेन की छत पर चढ़कर मजदूर लिकेज चेक कर रहा था तभी ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन वायर की चपेट में आ गया.
कोच की छत पर लगा ठेका मजदूर को करंट: जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त ठेका मजदूर प्रताप बर्मन हावड़ा नागपुर इंड लाइन पर कोच की सफाई के काम में जुटा था. कोच की छत पर उसे लीकेज चेक करने और धुलाई के लिए भेजा गया. लीकेज चेक करने के दौरान उसका शरीर हाईटेंशन वायर से टच हो गया. करंट लगते ही प्रताप बेसुध होकर बोगी की छत पर गिर पड़ा. नीचे खड़े लोग मदद के लिए चीखने चिल्लाने लगे. किसी की भी समझ में नहीं आया कि क्या करें, कैसे मदद पहुंचाएं.
यार्ड में ट्रेन की सफाई के दौरान क्या होता है नियम: ट्रेन को यार्ड पर खड़ा कर जब उसकी सफाई होती है तो तय नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है. नियम के मुताबिक ट्रेन के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन वायर की करंट को बंद कर दिया जाता है. जब सफाई का काम पूरा हो जाता है तब करंट को चालू किया जाता है. लेकिन जब प्रताप बर्मन ट्रेन की छत पर साफ सफाई का काम कर रहा था तब करंट चालू कर दिया गया. करंट चालू होने की वजह से ठेका मजदूर उसकी चपेट में आ गया. जबकि नियमों के मुताबिक करंट चालू करने से पहले सूचना दिया जाना चाहिए.
मजदूरी की हालत गंभीर: हादसे के बाद साथी कर्मचारियों ने किसी तरह से घायल प्रताप बर्मन को वहां से नीचे उतारा और उसे अस्पताल भिजवाया. ठेका मजदूर प्रताप का शरीर करंट की चपेट में आने से बुरी तरह से झुलस गया है. घायल मजदूरी की हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों की टीम लगातार घायल मजदूर की हालत पर नजर बनाए हुए हैं.
साथी कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: इस घटना के बाद साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है. उनका कहना है कि रेलवे प्रशासन और ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया, जिसके कारण हादसा हुआ. साथी कर्मचारियों का आरोप है कि कोचिंग सेंटर में अक्सर सफाई और मरम्मत का काम किया जाता है, बावजूद इसके हाईटेंशन लाइन को लेकर पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए. इस हादसे ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे को लेकर रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन कर्मचारियों ने इस हादसे को लापरवाही का नतीजा बताया है.





