April 4, 2026 4:52 am
ब्रेकिंग
एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत बहुप्रतीक्षित शॉर्ट फिल्म "ख़ौफ़ - द डिजिटल व... पुडुचेरी में पीएम मोदी का 'शक्ति प्रदर्शन'! फूलों की बारिश और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा शह... नारी शक्ति वंदन बिल में इतनी 'जल्दबाजी' क्यों? चुनावी मास्टरस्ट्रोक या कोई बड़ा बदलाव; पर्दे के पीछे... क्या BJP में शामिल होने वाले हैं राघव चड्ढा? आतिशी की 'रहस्यमयी मुस्कान' ने बढ़ा दी सियासी हलचल! छोटी बहन का खौफनाक 'डेथ प्लान'! प्रेमी के साथ मिलकर बड़ी बहन के आशिक को उतारा मौत के घाट; चाकू से गो... Meerut Crime: फौजी पति की हत्या के पीछे निकली अपनी ही पत्नी, प्रेमी के साथ मिलकर रचा था मौत का तांडव Noida Weather Update: नोएडा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश ने दी दस्तक; किसानों के चेहरे पर छाई ... AAP में खलबली! राघव चड्ढा के समर्थन में उतरे भगवंत मान; बोले— "जेल और जांच से नहीं डरते केजरीवाल के ... नोएडा की सड़कों पर 'मौत' का पहरा! आवारा कुत्तों ने पूर्व अधिकारी को बुरी तरह नोंचा; लहूलुहान हालत मे... बंगाल चुनाव में 'सुरक्षा' पर संग्राम! TMC से जुड़े लोगों के साथ 2100 पुलिसकर्मी तैनात; चुनाव आयोग ने...
पंजाब

लीची ने बदल डाली पठानकोट वासी की किस्मत, हो रहा खूब फायदा

पठानकोट :  जिला निवासी एक 60 वर्षीय किसान कि किस्मत लीची ने बदल डाली। जिले के मुरादपुर के रहने वाले राकेश डडवाल ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से पोस्ट ग्रैजुएट की है। उनकी शुरू से खेती-बागवानी में रुचि रही है, जिसके चलते उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करके इस तरह ध्यान दिया। किसान राकेश डडवाल ने लीची के बागों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से लगाया, जिससे उन्हें काफी मुनाफा हो रहा है। किसान ने अपनी चौथी पीढ़ी में लीची उत्पादन को और आधुनिक रूप देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाई है। ये लीची सिर्फ देश ही नहीं बल्कि लंदन और दुबई तक निर्यात हो रही है।’

किसान को उनकी उपलब्धियों के लिए कई बार जिला स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। साल 2013 में तत्कालीन सीएम प्रकाश सिंह बादल ने उन्हें श्रेष्ठ लीची उत्पादक के रूप में सम्मानित किया था। किसान ने अपने बाग में 3 टन क्षमता का कोल्ड स्टोर तैयार किया है ताकि फल लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें। वह लगातार बागवानी विभाग से मार्गदर्शन लेकर आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब 80 एकड़ जमीन पर उन्होंने पूरी तरह लीची, आम, अमरूद और अन्य फलों की खेती कर रखी है। इनमें विशेष रूप से देहरादून और कलकतिया वैरायटी की लीची का उत्पादन करते हैं। गौरतलब है कि देश के पूर्व चीफ जस्टिस मेहरचंद महाजन को पठानकोट में लीची उत्पादन का जनक माना जाता है। उन्होंने 1935 में मुजफ्फरनगर (बिहार) से लीची और आम के पौधे लाकर यहां फल उत्पादन की नींव रखी थी।

बताया जा रहा है कि, इनके दादा ऊधम सिंह ने लीची के 3 पौधे दिए थे, जिसे खेतों में लगाया। जब इस पर अच्छे फल आए तो इनके पिता रघबीर सिंह 1960 में 10 एकड़े में लीची के पौधे लगाए। इसका फायदा होने पर अब इनके पास 70 एकड़ से अधिक लीची के बाग है। इसके अलावा इनकी चौथी पीढ़ी किसान का बेटा सिद्धार्थ डडवाल (उम्र 30) ने जिसने बीएससी एवं होटल मैनेजमैंट की है। इस काम में हाथ बांट रहा है। किसान राकेश का कहना है कि, इस समय गांव में 300 एकड़ और जिले में 4 हजार एकड़ में लीची के बाग है। वहीं राकेश पठानकोट लीची ग्रोवर्स एसोसिएशन के प्रधान हैं, जिसके 400 सदस्य हैं। मिली जानकारी के अनुसार पठानकोट में कई किसानों के पास तो 20, 30, और 40 एकड़ में लीची के बाग है। जिले के गांव भोआ, सुंदरचक्क, कोटली, जमालपुर, शरीफ चक्क में लीची के बाग हर साल बढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि, सुजानपुर में लीची एस्टेट, जहां हर साल लीची मेला लगता है। इस दौरान आटोमैटिक फॉगिंग मशीन और ट्रैक्टर किसानों को उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं इस साल पठानकोट जिले में 40 हजार मीट्रिक टन लीची का उत्पादन हुआ। कई बड़े शहरों के व्यापारी यहां से लीची ले जाकर दिल्ली, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, कोलकाता तक पहुंचाते हैं। किसान राकेश ने 2024 में सरकारी एजेंसी पेडा की मदद से 12 क्विंटल लंदन और 12 क्विंटल दुबई भी एक्सपोर्ट की है।

Related Articles

Back to top button