March 7, 2026 1:40 am
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हिमाचल प्रदेश

मनाली में होटल-दुकानें बहीं, ब्यास नदी-पौंग झील उफान पर, हिमाचल में अगले 24 घंटे भारी

हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मानसूनी बरसात ने कहर ढाया हुआ है. बारिश की वजह से प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. मंगलवार को अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर भारी बरसात की वजह से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने से दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं. हाईवेज से संपर्क कट गया. यहां तक की आवासीय इलाके पानी में डूब गए.

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में 25 अगस्त की शाम से 12 बार अचानक बाढ़ आई. दो बड़े भूस्खलन हुए और एक बार बादल फटा. लाहौल-स्पीति जिले में नौ, कुल्लू में दो और कांगड़ा में एक बार अचानक बाढ़ आई. चंबा में एक बादल फाटा. इन घटनाओं में कोई हताहत नहीं हुआ है. हालांकि कांगड़ा में एक शक्स डूब गया. किन्नौर में एक व्यक्ति ऊंचाई से गिर गया और उसकी जान चली गई.

मनाली में होटल और दुकानें बहीं

मंगलवार तड़के कुल्लू जिले के मनाली में एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों ब्यास नदी के पानी में बह गईं. नदी में उफान के कारण पानी मनाली के अलू मैदान में घुस गया. वहीं नेशनल हाईवे जो चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ता है उसको कई जगहों पर नुकसन पहुंचा. इतना ही नहीं मनाली-लेह हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्से को ब्यास नदी का पानी बहा ले गया. इससे हाईवे बंद हो गया और पर्यटक फंस गए.

कुल्लू शहर को जोड़ने वाली मनाली की दाहिने ओर की सड़क पर भी हालत चिंताजनक है. नेशनल हाईवे के के दो बड़े हिस्से बह गए. मनाली से बुरुआ जाने वाली सड़क भी ओल्ड मनाली के पास बह गई. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, मंगलवार सुबह तक राज्य में कुल 680 सड़कें बंद थीं. बंद सड़कों में से 343 मंडी जिले में और 132 कुल्लू में हैं. प्रदेश में करीब 1,413 ट्रांसफार्मर और 420 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं.

पौंग झील का जलस्तर बढ़ा

पौंग झील का जलस्तर लगातार बढ़ने से मंगलवार को झील से छोड़े गए पानी की मात्रा बढ़ा दी गई. पानी बढ़ने से बडूखर-रियाली-हाजीपुर मार्ग पर जलभराव हो गया, जिसके चलते रियाली पंचायत के मंड भोग्रवां सहित 12 गांवों का संपर्क हिमाचल से पूरी तरह कट गया है. हालात गंभीर होते ही रेस्क्यू टीमों ने रियाली क्षेत्र में राहत कार्य शुरू कर दिया. अब तक 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती, थाना प्रभारी पवन गुप्ता और बीएमओ फतेहपुर डॉ. रीचा के नेतृत्व में प्रशासनिक और स्वास्थ्य टीमें मौके पर पहुंची. वहीं एनडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित गांवों से लोगों को निकालकर सुरक्षित शिविरों तक पहुंचा रही हैं. स्थानीय लोगों की बचाव टीमें भी प्रशासन के साथ राहत कार्यों में सहयोग कर रही हैं.

एसडीएम फतेहपुर ने क्या कहा?

एसडीएम फतेहपुर ने कहा कि रियाली सड़क पर पानी आने से फतेहपुर से संपर्क कट गया है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं. उपमंडल इंदौरा और उपमंडल फतेहपुर प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन की तरफ 40 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

आज और कल इन जिलों में येलो अलर्ट

हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों में आज बारिश के आसार हैं. आज मौसम विभाग की ओर से आज और कल शिमला और मंडी, ऊना, कांगड़ा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 29 अगस्त से एक सितंबर तक मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

156 लोगों की गई जान

एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक अचानक बाढ़ की 90, बादल फटने की 42 और बड़े भूस्खलन की 84 घटनाएं सामने आ चुकी हैं. बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,454 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. 20 जून से 25 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 156 लोगों जान गई है. प्रदेश में एक जून से 25 अगस्त तक 753 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है. राज्य में अगस्त में अब तक सामान्य से 62 फीसदी ज्यादा बादल बरसे हैं.

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