परिवार के बड़े सदस्यों की परछाई में नीचे बेबी एलिफेंट आराम फरमाते हुए दिखाई दे रहे हैं. हाथियों का यह परिवार बेहद आकर्षक और हृष्ट पुष्ट दिखाई दे रहा है. जो कोरबा के जंगलों की समृद्ध जैव विविधता का भी एक प्रमाण है.
हाथियों के दल में 14 बेबी एलिफेंट : वन विभाग कटघोरा से मिली जानकारी के अनुसार कटघोरा वन मंडल में इस समय 52 हाथी विचरण कर रहे हैं. हाथियों का यह दल इस समय और खास इसलिए भी है क्योंकि इस दल में लगभग 14 बेबी एलिफेंट शामिल है. इनकी उम्र अलग-अलग है.
हाथी भोजन और पानी की तलाश में लगातार जंगल में विचरण करते हैं. वो जहां-जहां से भी जाते हैं, जंगलों को और घना और विस्तार देते हुए जाते हैं. वन विशेषज्ञों के अनुसार हाथी जहां भी रहते हैं. वहां के वन बेहद समृद्ध रहते हैं. इन्हें विचरण करने के लिए भी बड़े वनों की आवश्यकता होती है. जो फिलहाल कोरबा में मौजूद है.
वर्तमान में जब हाथियों के दल में बेबी एलिफेंट अधिक संख्या में शामिल है. तब वह अधिक आक्रामक भी हो जाते हैं. हाथी अपने परिवार के नन्हे सदस्यों की सुरक्षा को लेकर बेहद सजग रहते हैं. इसलिए कई बार वह बेहद आक्रामक भी प्रतीत होते हैं. हालांकि हाथी हमला तभी करते हैं, जब उन्हें खुद पर खतरा महसूस होता है. हाथियों की गिनती सबसे समझदार और सामाजिक जानवरों में होती है. जंगलों को बचाए रखने के लिए वह पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
छत्तीसगढ़ में फिलहाल 350 हाथी : पूरे छत्तीसगढ़ में वर्तमान में फिलहाल हाथियों की कुल संख्या लगभग 350 है. इनकी जनसंख्या में वृद्धि की रफ्तार बेहद धीमी है. इसलिए यह उतनी तादात में बढ़ नहीं रहे हैं. हाल फिलहाल में कोरबा में नन्हे एलीफेंट और एक वयस्क एलीफेंट की भी मौत हो गई थी. जो बेहद चिंता का कारण है, जानकारों ने ऐसी घटनाओं को रोकने पर मंथन करने की सलाह दी है. वयस्क की मौत करंट लगने से हुई थी. इस मामले में ग्रामीणों की गिरफ्तारी भी हुई है.
लगातार ट्रैक कर रहे हाथियों की लोकेशन : कटघोरा वन मंडल में ड्रोन और अन्य तकनीक से हाथियों के लोकेशन को लगातार ट्रैक किया जा रहा है. हाथी किस क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं. इसकी जानकारी वन विभाग के मैदानी कर्मचारी ग्रामीणों को देते हैं, वर्तमान में खेतों में धान की फसल लहलहा रही है. इसकी खुशबू से आकर्षित होकर भी हाथी धान के फसलों के करीब आते हैं. ऐसे में हाथी मानव द्वंद की परिस्थितियां निर्मित होती है, किसान भी अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. इस समय वन विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. हाथी मानव द्वंद्व को रोकना, किसानो की फसल के साथ हाथियों को भी सुरक्षा प्रदान करना वन विभाग का सबसे प्रमुख कर्तव्य बन जाता है.