बीजापुर में पोटा केबिन भ्रष्टाचार, 24 अधीक्षक हटाए गए, नए वार्डन की नियुक्ति

बीजापुर: पोटा केबिन में चल रहे भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. आरएमएससी पोटाकेबिन में बिना बिल के 42 लाख रुपये का भुगतान करने के मामले में अब 24 अधीक्षकों को उनके पदों से हटा दिया गया है. इनके स्थान पर नए वार्डनों की नियुक्ति की गई है.
बिना बिल के फर्मों को पेमेंट: दरअसल, पोटाकेबिन के लिए सामान खरीदी के नाम पर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने बिना बिल देखे सीधे फर्मों को लाखों रुपए का भुगतान कर दिया. जांच में सामने आया कि कृत्विक इंटरप्राइजेस, एसबी कंस्ट्रक्शन और विमला इंटरप्राइजेस जैसी फर्मों को सीधा 42 लाख से ज्यादा की रकम खाते में डाल दी गई, जबकि बिल और सप्लाई की कोई जांच नहीं की गई.

24 पोटा केबिन अधीक्षकों पर कार्रवाई: कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए 24 अधीक्षकों को हटाया गया है। इनमें बीजापुर ब्लॉक के 6, भोपालपटनम के 3, उसूर ब्लॉक के 6 और भैरमगढ़ ब्लॉक के 9 अधीक्षक शामिल हैं.

जिला शिक्षा अधिकारी एल एल धनेलिया ने बताया “जांच पूरी होने तक सभी अधीक्षकों को हटाया गया है, क्योंकि इन्होंने फर्मों को बिना बिल के भुगतान किया है. समग्र शिक्षा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी पुरुषोत्तम चंद्राकर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.”

बीजापुर जिले के चार ब्लॉकों में कुल 28 पोटाकेबिन संचालित हैं. शिक्षा विभाग की देखरेख में चल रहे इन पोटाकेबिनों में लंबे समय से भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है. बच्चों के राशन से लेकर आवश्यक सामग्रियों तक की खरीदी में गड़बड़ी की जाती है. फंड जारी होते ही बंटवारे का खेल शुरू हो जाता है. इस बार जांच में लाखों की गड़बड़ी उजागर हुई है, जिससे साफ है कि पोटाकेबिन वर्षों से भ्रष्टाचार का जरिया बने हुए हैं.





