बिलासपुर: रेलवे यार्ड में ट्रेन की एसी सफाई के दौरान OHE तार से झुलसे ठेकाकर्मी युवक की गुरुवार को मौत हो गई. युवक मुलमुला का रहने वाला था. शनिवार को युवक हादसे का शिकार हो गया था. युवक की मौत के बाद पत्नी और परिजन DRM ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गए हैं. पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश भी धरने में मौजूद है.
नौकरी और मुआवजे के लिए DRM ऑफिस का घेराव: घटना और मौत से आक्रोशित परिजनों ने पहले अस्पताल में हंगामा किया. लेकिन जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो परिजनों ने रेलवे डीआरएम ऑफिस का घेराव कर दिया. अब आक्रोशित परिजन DRM ऑफिस के गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए हैं. उनकी मांग है कि मृतक की पत्नी को नौकरी और परिवार को मुआवजा दिया जाए. बच्चे के भरण पोषण की जिम्मेदारी भी रेलवे उठाए.
मृतक की पत्नी खुशबू बर्मन ने रेलवे और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पत्नी का कहना है कि ठेकेदार ने इलाज के लिए पैसे भी नहीं दिए. पैसे मांगने पर बदतमीजी की जा रही है. जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती है हम यहां से नहीं उठेंगे.
अधिकारी कहते हैं कि मेरा पति रेलवे विभाग का नहीं है. वह ठेके पर काम करता है. मेरे बच्चे का पालन पोषण कौन करेगा. मुझे सरकारी नौकरी चाहिए. मुआवजा चाहिए –खुशबू बर्मन, मृतक की पत्नी
परिजनों के समर्थन में पामगढ़ विधायक: इधर परिजनों के समर्थन में पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश भी देर रात डीआरएम ऑफिस के सामने पहुंची. उन्होंने रेलवे और ठेकेदार के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई है. उनका कहना है, कि पीड़ित परिवार की कोई सुध लेने वाला नहीं है जबकि रेलवे और ठेकेदार दोनों मौत के जिम्मेदार हैं.
परिजनों ने ठेकेदार से इलाज के खर्च का वहन करने की मांग की. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ठेकेदार की पत्नी ने मृतक की परिजन से बात की और बदसलूकी की. परिवार की मांग है कि मृतक की पत्नी को नौकरी दी जाए. उसे मुआवजा राशि दी जाए और बच्चे का पालन पोषण का खर्च उठा ले-शेषराज हरबंश, विधायक पामगढ़
DRM पर विधायक का आरोप: शेषराज हरबंश ने कहा कि मृतक का पूरा परिवार डीआरएम ऑफिस के सामने धरने पर बैठा है. उसके बावजूद अब तक कोई निराकरण नहीं हो पाया है. परिजनों के सामने डीआरएम को बात करने के लिए बुलाया गया लेकिन उन्होंने पद का हवाला देते हुए कार्यालय से बाहर नहीं आने की बात कही. विधायक ने DRM पर भी गैर जिम्मेदार रवैए का आरोप लगाया है.