February 12, 2026 2:59 am
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दुर्ग में सरकारी सिस्टम पर हैकर्स का कब्ज़ा: ₹36 लाख का लोन, जमीन पर फर्जीवाड़ा!”

दुर्ग। भुइंया सॉफ्टवेयर, जिसे सरकारी जमीनों के सुरक्षित रिकॉर्ड के लिए बनाया गया था, अब हाईटेक गैंग के निशाने पर आ गया है। हैकरों ने इस सिस्टम में सेंध लगाकर जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर की और ₹36 लाख का बैंक लोन झटक लिया। डिजिटल इंडिया के दौर में यह घटना बताती है कि जमीन की लूट अब ऑनलाइन शिफ्ट हो चुकी है।

खसरा हेराफेरी से करोड़ों की लूट का रास्ता साफ

अहिवारा तहसील के ग्राम मुरमुंदा और अछोटी में जमीन के मूल खसरा नंबरों में बदलाव कर उन्हें फर्जी तरीके से बांट (बटांकन) दिया गया। नए खसरा नंबर बनाकर इस गड़बड़ी को सही साबित करने के लिए नकली दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर SBI नंदिनी शाखा से ₹36 लाख का लोन मंजूर हो गया और किसी को भनक तक नहीं लगी।

ई-गवर्नेंस सिस्टम में सेंध: साइबर सुरक्षा पर सवाल

भुइंया पोर्टल, जिसे धोखाधड़ी से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब साइबर ठगों की नई मंडी बन गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि हैकर्स ने सिस्टम में घुसकर डेटा में हेरफेर, खसरा रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

मुख्य मास्टरमाइंड – दिनू राम यादव

रायपुर निवासी दिनू राम यादव ने इस पूरे फर्जीवाड़े की पटकथा रची। सिस्टम में बदलाव कर नकली दस्तावेज बनाए, बैंक से लोन पास करवाया और रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर दिया।
जांच में सामने आया कि ₹20,26,547 की रकम नंद किशोर साहू के खाते में पहुंचाई गई।

लूट का पैसा ‘व्हाइटवॉश’

नंद किशोर साहू, जो भिलाई-दुर्ग फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ा है, ने इस अवैध रकम को अपनी प्राइवेट कंपनी में इन्वेस्ट कर दिया — जैसे सब कुछ वैध हो। पुलिस ने 27 अगस्त 2025 को साहू को गिरफ्तार कर लिया है।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने इस पूरे मामले में साइबर और फर्जीवाड़े से जुड़ी कई गंभीर धाराएं लगाई हैं:

318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) B.N.S.

66(C) IT Act (साइबर फ्रॉड, फर्जी दस्तावेज और सरकारी सिस्टम में हेरफेर)

आपकी जमीन भी असुरक्षित!

यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है। अगर सरकारी सिस्टम की सुरक्षा में सुधार नहीं हुआ, तो कागजों पर आपकी जमीन किसी और की हो सकती है और आपको भनक भी नहीं लगेगी।

गिरफ्तार आरोपी का विवरण

नाम: नंद किशोर साहू

पता: सेक्टर 05, सड़क 33, क्वार्टर नं. 4-बी, भिलाई, जिला दुर्ग

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