मरीजों की जान से खिलवाड़: सरगुजा पीएचसी में प्यून बांट रहा दवाई, फॉर्मासिस्ट गायब

सरगुजा: जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होता नजर नहीं आ रहा. ग्रामीण क्षेत्रों में निचले स्तर पर बैठे जिम्मेदार कर्मचारी व्यवस्थाओं को बिगाड़ने के साथ ही अब मरीजों की जान से खिलवाड़ भी करने लग गए हैं. मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का एक ऐसा ही मामला शनिवार को सामने आया. यहांं पीएचसी में पदस्थ प्यून मरीजों को दवाओं का वितरण करता नजर आया. जबकि अस्पताल में पदस्थ फॉर्मासिस्ट ड्यूटी से नदारत मिला. इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया. अब इस मामले में संयुक्त संचालक ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
मरीजों की जान से खिलवाड़: दरअसल मैनपाट विकासखंड के अंतर्गत कमलेश्वरपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जन आरोग्य मन्दिर संचालित है. इस पीएचसी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आस पास के आदिवासी मरीज आते हैं और अपना उपचार कराते हैं. इसके साथ ही पर्यटन केंद्र होने के कारण भी यह पीएचसी संवेदनशील है क्योंकि यहां आए दिन सड़क दुर्घटना के मरीज उपचार के लिए आते हैं. अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए निःशुल्क दवा वितरण की व्यवस्था भी की गई है.
कमलेश्वरपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र: दवा वितरण का काम नियमानुसार अस्पताल में पदस्थ फॉर्मासिस्ट के द्वारा ही किया जाता है. लेकिन पीएचसी में अधिकारी कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. शनिवार को अस्पताल में पदस्थ फॉर्मासिस्ट राम सेवक अनुपस्थित था. फॉर्मासिस्ट के मौजूद नहीं रहने पर अस्पताल में पदस्थ प्यून मरीजों को दवाओं का वितरण बेधड़क कर रहा था. इस बात की जानकारी मिलने पर जब स्थानीय लोगों ने प्यून से सवाल किए तो वह उल्टा लोगों को ही जवाब देने लगा. इस दौरान लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया.
स्थानीय लोगों की शिकायत: स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट आए दिन नदारत रहता है. यह कोई पहला मामला नहीं है जब अस्पताल में फॉर्मासिस्ट के बदले प्यून दवा का वितरण कर रहा हो. शिकायत है कि फार्मासिस्ट ड्यूटी के समय भी अपनी निजी दवा दुकान में व्यस्त रहता है. जबकि अस्पताल की जिम्मेदारी कभी प्यून तो कभी सफाई कर्मी संभालते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह की लापरवाही से मरीजों की जान भी जा सकती है.
संयुक्त संचालक हेल्थ डॉ. अनिल सिंह ने दिए जांच के आदेश: इस मामले में संयुक्त संचालक हेल्थ डॉ. अनिल सिंह ने बताया कि “मैं लगातार पीएचसी, सीएचसी का निरीक्षण कर रहा हूं. पूर्व में भी पीएचसी मैनपाट का निरीक्षण किया गया था. कमियों को दूर किया गया. इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस मामले की जांच के निर्देश सीएमएचओ को दिए गए हैं. फॉर्मासिस्ट के साथ ही प्यून के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी”.





