रायपुर का गोलबाजार जहां 750 ग्राम सोने के मुकुट के साथ विराजे ‘सांवलिया सेठ’, जानिए पंडाल का इतिहास-पंरपरा

रायपुर: गणेश उत्सव में रायपुर के हर इलाके में भक्ति का रंग चढ़ा हुआ है. रायपुर में यूं तो कई आकर्षक प्रतिमाएं और पंडाल हैं. AI प्रतिमाएं और झांकियों का मनमोहक नजारा हर तरफ दिख रहा है, लेकिन आपको बताते हैं रायपुर के सबसे पुराने पंडालों में से एक गोल बाजार के बारे में. प्रतिमा, झांकियों के साथ यहां खास है सोने का मुकुट.
75 लाख के सोने के मुकुट से सजे बप्पा: गोल बाजार में हर साल श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल समिति गणेश उत्सव मनाती है. यहां भगवान गणेश के साथ ही आकर्षक झांकियां और तकनीकी तामझाम से सजावट की गई है. यहां की प्रतिमा और झांकियों के अलावा पंडाल को एक और चीज बाकी से अलग बनाती है वह है 750 ग्राम सोने का मुकुट. जिसकी कीमत लगभग 75 लाख रुपए बताई जा रही है.
परंपरा और सोने के मुकुट की खासियत: यहां सोने के मुकुट को पहनाने की परंपरा 2017 से हर साल हो रही है. ये मुकुट रत्न जड़ित है. इसे आसपास के व्यापारी वर्ग और बाकी भक्तों ने बनवाकर समिति को सौंपा है. वहीं पंडाल की बात करें तो, यहां 1888 यानी 135 सालों से गणेश उत्सव मनाया जा रहा है.
आकर्षक झांकी और सांवलिया सेठ का दर्शन: इस बार सांवलिया सेठ के रूप में बप्पा विराजमान हुए हैं. साथ ही राधा-कृष्ण की झांकियां भी मन मोह रही हैं. खास बात यह है कि इस झांकी में सांवलिया सेठ को चित्तौड़गढ़ के मंदिर की तर्ज पर सजाया गया है और राधा-कृष्ण होली खेलते हुए नजर आ रहे हैं.
BJP प्रदेश अध्यक्ष भी पहुंचे: बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी गोल बाजार के इस पंडाल पहुंचे थे. यहां वे गणपति को पहनाये जाने वाले सोने के मुकुट को थाल में लेकर पंडाल तक पहुंचे. उन्होंने गणेश उत्सव समिति के सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी.
मुझे मुकुट पहनाने का सौभाग्य मिला. प्रार्थना करता हूं भगवान गणेश का आशीर्वाद पूरे छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो. हमारा छत्तीसगढ़ धन-धान्य से परिपूर्ण हो– किरण सिंहदेव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
चांदी भी चढ़ाई गई: इस पवित्र अवसर पर भक्तों ने सांवलिया सेठ के प्रति अपनी श्रद्धा दिखा भरपूर दिखा रहे हैं. 3 दिन में ही यहां 3 किलो चांदी अर्पित की गई है. इस अद्भुत अर्पण को लेकर समिति के सदस्य भी खासे उत्साहित हैं.
गणेश उत्सव समिति के द्वारा इस बार भक्तों के लिए कई विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.





