February 12, 2026 5:31 pm
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...
देश

भारत की नर्स पर यमन में फांसी का संकट, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, क्या टल सकती है सजा-ए मौत?

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह कथित हत्या के आरोप में यमन में फांसी की सजा का सामना कर रही केरल की नर्स निमिषा प्रिया के लिए राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करे. यह सुनवाई 16 जुलाई को उनकी निर्धारित फांसी से ठीक दो दिन पहले हो रही है. निमिषा प्रिया को 2017 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो महदी की कथित हत्या के लिए फांसी की सजा का सामना करना पड़ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में निमिषा प्रिया को फांसी से बचाने के लिए पीड़ित परिवार को ‘ब्लड मनी’ देने के विकल्प पर विचार करने की मांग की गई है. याचिका में तर्क दिया गया है कि यमन में शरिया कानून के तहत यह प्रावधान जायज है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है.

पीड़ित परिवार को देना चाहती है 8.6 करोड़ रुपए

सुप्रीम कोर्ट में याचिका एडवोकेट सुभाष चंद्रन केआर ने दायर की. याचिका में तर्क दिया गया है कि ब्लड मनी भुगतान से पीड़ित परिवार केरल की नर्स निमिषा प्रिया को माफ करने के लिए प्रभावित होगा. निमिषा प्रिया के परिवार ने कथित तौर पर उसे बचाने की उम्मीद में पीड़ित परिवार को 10 लाख डॉलर (8.6 करोड़ रुपए) ‘ब्लड मनी’ के रूप में देने की पेशकश की है.

निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली हैं. उनकी उम्र 38 साल है और वह पेशे से नर्स हैं. निमिषा यमन में साल 2011 में पहुंची थीं. वह वहां काम करने के सिलसिले में अपने परिवार के साथ गई थीं. इस दौरान यमन में अशांति फैल गई, जिसके चलते उनके पति और बेटी दोनों भारत वापस आ गए. वे तीन साल तक यमन में रहे और 2014 में वापसी हुई. निमिषा अपना परिवार पालने के लिए यमन में रुक गईं.

क्यों हुई निमिषा प्रिया को मौत की सजा?

यमन में एक नियम है कि अगर को विदेशी मेडिकल प्रैक्टिशनर क्लीनिक खोलना चाहता है तो उसे किसी यमन के नागरिक पार्टनर बनाना होगी. यही वजह रही कि उन्होंने युवक तलाल अब्दो महदी को अपना पार्टनर बनाया, लेकिन उसने कथित तौर पर दस्तावेजों में हेराफेरी करके झूठा दावा कर दिया कि उसने निमिषा से शादी कर ली. कहा गया कि महदी ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया, वर्षों तक उसका शारीरिक और फाइनेंशियल शोषण किया. साथ ही साथ बार-बार धमकियां दीं.

साल 2017 में निमिषा ने महदी को बेहोश करने की कोशिश की ताकि वह अपना पासपोर्ट वापस ले सके और यमन से भागकर भारत लौटे, लेकिन बेहोश करने का प्रयास जानलेवा साबित हुआ और महदी की मौत हो गई. आरोप है कि निमिषा ने उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करके उसे ठिकाने भी लगा दिया. उसे तीन साल बाद 2020 में मौत की सजा सुनाई गई, जिसे हूतियों की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने 2023 में बरकरार रखा. हालांकि भारतीय अधिकारी उसकी फांसी रोकने की कोशिश कर रहे हैं. वह इस समय राजधानी सना की एक जेल में बंद हैं, जोकि हूती प्रशासन के नियंत्रण में है. हूती प्रशासन के साथ भारत के कोई औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध नहीं हैं.

Related Articles

Back to top button