March 7, 2026 11:18 am
ब्रेकिंग
बंगाल चुनाव 2026 के लिए BJP का 'मास्टरप्लान': 85 मुस्लिम बहुल सीटों के लिए तैयार की अलग रणनीति, ममता... जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ का बड़ा खतरा: सीमा पार 70 से ज्यादा आतंकी सक्रिय, खुफिया एजेंसियों ने ... Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था...’, शादी के 4 महीने बाद ही शहब... झारखंड में भी 'शीश महल' पर रार! हेमंत सोरेन के आवास पर बीजेपी नेता का बड़ा आरोप, क्या केजरीवाल की रा... उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योज... दिल्ली में 'फांसी घर' विवाद: केजरीवाल ने भाजपा को घेरा, बोले- स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का मजाक... Tarun Murder Case: दिल्ली: उत्तम नगर में तरुण की हत्या के बाद भारी बवाल; उग्र भीड़ ने फूंकी कारें, इ... UPSC रिजल्ट में हरियाणा के एकांश ढुल ने गाड़े सफलता के झंडे; हासिल की ऑल इंडिया तीसरी रैंक, CM सैनी ... महाराष्ट्र में किसानों की बल्ले-बल्ले! फडणवीस सरकार ने किया कर्जमाफी का ऐलान, जानें किन किसानों को म... Stock Market Crash Today: शेयर बाजार लहूलुहान! कच्चे तेल की कीमतों ने बिगाड़ा खेल, मात्र 6 घंटे में ...
छत्तीसगढ़

मनेंद्रगढ़ के रानी कुंडी धाम में मकर संक्रांति पर 3 दिवसीय पारंपरिक मेले का आयोजन, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने की पूजा

MCB: जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया. यहां के प्रसिद्ध रानी कुंडी तीर्थ स्थल में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पहुंचे. भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की.

मकर संक्रांति पर लगा भव्य पारंपरिक मेला: मकर संक्रांति के अवसर पर रानी कुंडी परिसर में भव्य पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया. मेले में दूर-दराज़ के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और दर्शक पहुंचे. स्वास्थ्य मंत्री ने मेले का भ्रमण किया और आयोजन की सराहना करते हुए स्थानीय लोगों से आत्मीय बातचीत भी की.

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि रानी कुंडी धाम को गौमुख धाम के नाम से भी जाना जाता है. मंत्री जायसवाल ने कहा कि रानी कुंडी धाम केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र है.

जानिए प्राचीन मान्यता: कहा जाता है कि यह स्थान प्राचीन काल में धौरेल राजा की रानियों का स्नान स्थल था और यहीं उनका समाधि स्थल भी स्थित है. साथ ही यहां भगवान भोलेनाथ का प्राचीन मंदिर स्थापित है.

लोकनृत्य और पारंपरिक खेलों का आयोजन: इस तीन दिवसीय मेले में 100 से अधिक जनजातीय सांस्कृतिक दल भाग ले रहे हैं. मेले में शैला, शुगा और कर्मा जैसे पारंपरिक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियां दी जा रही हैं. इसके साथ ही कबड्डी सहित अन्य पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं में दूर-दराज़ से आए खिलाड़ी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं.हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना: तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की संभावना है. मकर संक्रांति का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं को भी नई पहचान दे रहा है.

Related Articles

Back to top button