सुकमा में आश्रम के बच्चों को नमक के साथ चावल परोसा, मानकापाल आश्रम अधीक्षक निलंबित

सुकमा: बस्तर संभाग के सुकमा जिले में छात्रावास में बच्चों को परोसे जा रहे भोजन में लापरवाही के मामले थमते नजर नहीं आ रहे. बीते दिनों बच्चों के भोजन में फिनाइल मिलाने की घटना सामने आई थी. अब सिर्फ नमक के साथ चावल देने का मामला सामने आया है.
बच्चों को चावल के साथ दाल सब्जी की जगह सिर्फ नमक: मिड डे मील या फिर हॉस्टल में बच्चों को गर्म गर्म पौष्टिक भोजन देने की योजना है. लेकिन उसकी जगह बच्चों के खाने में लापरवाही बरती जा रही है. मानकापाल बालक आश्रम की ये घटना है. आश्रम के बच्चों को दोपहर के खाने में नमक के साथ चावल परोसा गया जबकि आश्रम में सोयाबीन, आलू और दूसरी खाद्यान्न सामग्री रखी हुई थी.

मानकापाल आश्रम प्रभारी अधीक्षक निलंबित: बच्चों को नमक के साथ चावल देने का मामला जैसे ही जिला प्रशासन के संज्ञान में आया, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने तत्काल जांच के आदेश दिए. सहायक आयुक्त हेमंत सिन्हा और मण्डल संयोजक मौके पर पहुंचे. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रभारी अधीक्षक जय प्रकाश बघेल ने अपने कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही की है. जिसके बाद 3 सितंबर को आश्रम अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया.
आश्रम के प्रभारी अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच: बच्चों की देखभाल जैसे संवेदनशील दायित्व से खिलवाड़ करने पर उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी गई है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड, शिक्षा अधिकारी कार्यालय सुकमा तय किया गया है. नियमों के मुताबिक उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा.
आश्रमों और छात्रावासों के जांच के आदेश: कलेक्टर ध्रुव ने साफ कहा “बच्चों के भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आश्रमों और छात्रावासों की नियमित निगरानी हो, ताकि बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन और सुरक्षित माहौल मिल सके.
सुकमा फिनाइल कांड: बता दें कि बीते 21 अगस्त को सुकमा के ही पाकेला पोटाकेबिन छात्रावास में बच्चों के खाने में फिनाइल मिलाने का मामला सामने आया था. इस मामले में सहायक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया. जिसने छात्रावास अधीक्षक से रंजिश के चलते बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया.





