छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल 15 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए

रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कोर्ट में आज सुनवाई हुई. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की पेशी कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई. जिसके बाद फिर से उन्हें न्यायिक रिमांड पर 15 सितंबर तक जेल भेज दिया गया. प्रवर्तन निदेशालय 15 सितंबर को चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान पेश कर सकती है. इसके पहले चैतन्य बघेल को 23 अगस्त को कोर्ट में पेश किया गया था. जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था.
चैतन्य बघेल को राहत नहीं: 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय ने प्रेस नोट जारी करके बताया था कि चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट मे इन्वेस्ट किया. प्रवर्तन निदेशालय ने ये भी बताया कि उन्होंने यह पैसा नगद में ठेकेदारों को भुगतान फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदी के बहाने से उपयोग किया. आरोप है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर विट्ठलपुरम नामक परियोजना में फर्जी फ्लैट खरीद की योजना बनाकर 5 करोड प्राप्त करने के आरोप में भी घिरे हैं. इन फ्लैटों को त्रिलोक सिंह ढिल्लो के कर्मचारियों के नाम पर खरीदा गया था, लेकिन असली लाभार्थी चैतन्य ही थे. जांच में यह भी पाया गया कि चैतन्य ने इस घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध धनराशि को हैंडल किया और इसे अनवर ढेबर और अन्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तक पहुंचाया गया. यह राशि बघेल परिवार के गरीबी लोगों द्वारा आगे इन्वेस्ट के लिए प्रयोग की गई.
आरोप है 2500 करोड़ की अवैध आय अर्जित की: प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच में एसीबी ईओडब्ल्यू रायपुर के द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले के आधार पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह बात सामने आई कि साल 2019 से साल 2020 के बीच हुए शराब घोटाले से राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ. लगभग 2500 करोड़ रुपए की अवैध आय अर्जित की गई.
18 जुलाई को चैतन्य बघेल हुए गिरफ्तार: चैतन्य बघेल को ईडी ने शराब घोटाला मामले में 18 जुलाई को दुर्ग से गिरफ्तार किया गया. चैतन्य बघेल के ऊपर ईडी ने शराब घोटाले में कई संगीन आरोप लगाए हैं. 23 अगस्त को चैतन्य बघेल की रिमांड पूरी होने के बाद उनकी फिर रायपुर कोर्ट में पेशी हुई. अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद चैतन्य बघेल को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया. जिसके बाद आज चैतन्य बघेल की रायपुर कोर्ट में पेशी हुई.
ईडी ने चैतन्य बघेल पर क्या आरोप लगाए ?: ईडी ने कथित शराब घोटाले में चैतन्य बघेल पर 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई का आरोप लगाया है. ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि चैतन्य बघेल ने इस अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट में इन्वेस्ट किया.
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने की थी आर्थिक नाकेबंदी: चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में आर्थिक नाकेबंदी भी 22 जुलाई को की थी. रायपुर से लेकर बस्तर तक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि वो सियासी फायदे के लिए विपक्ष का चरित्रहनन करने की कोशिश कर रही है.





