March 16, 2026 7:53 pm
ब्रेकिंग
मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच 'सुपर' रेस्क्यू! ईरान से सुरक्षित निकले 550 भारतीय; एस. जयशंकर ने बताया... Ladakh Protest: लद्दाख में भारी विरोध प्रदर्शन, 6वीं अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग तेज; सोनम वां... नजारा ऐसा कि पेरिस भूल जाएंगे! श्रीनगर में खुला एशिया का सबसे बड़ा 'ट्यूलिप गार्डन'; 18 लाख फूलों की... संभल प्रशासन को हाई कोर्ट का बड़ा झटका! नमाज पर पाबंदी वाला आदेश रद्द; अदालत ने कहा- 'नमाजियों की सुर... भोजशाला विवाद पर हाई कोर्ट का 'सुपर' एक्शन! नियमित सुनवाई से पहले होगा मौका-मुआयना, 2 अप्रैल से शुरू... Ghaziabad Crime: छुट्टी के विवाद में बैंक गार्ड ने मैनेजर को मारी गोली, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्... दिल्ली में बनेगा AIIMS जैसा 'सुपर मेडिकल हब'! एक साथ मिलाए जाएंगे 3 बड़े सरकारी अस्पताल; मरीजों को ए... Delhi Free Bus Travel: ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए दिल्ली की बसों में मुफ्त यात्रा शुरू, कैबिनेट की... बादशाह के गाने 'टटीरी' पर बवाल! बाल आयोग ने सिंगर समेत 3 को भेजा नोटिस; क्या बच्चों का इस्तेमाल पड़ा ... Fatehabad News: पुलिस की मौजूदगी में युवक की चाकू मारकर हत्या, मूकदर्शक बने रहे जवानों पर गिरी गाज; ...
हरियाणा

सावधान! हरियाणा में प्लॉट खरीदने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें; सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों में किया बड़ा बदलाव, एक गलती और पैसा डूब जाएगा

चंडीगढ़ : हरियाणा में धड़ल्ले से काटी जा रही अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए सरकार कड़ा कदम उठाने जा रही है। अब एक एकड़ से कम रिक्त भूमि की अदला-बदली के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्यता होगा। सरकार इसके लिए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास एवं विनियमन (संशोधन) 2026 लाएगी। विधेयक अभी एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी रिक्त भूमि की अदला-बदली, विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप के रूप में अंतरण के लिए दस्तावेज के पंजीकरण से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या अधिकृत किसी अधिकारी के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) का नियम है। अब सरकार विधेयक में संशोधन करके नियमों को सख्त बनाएगी।

सरकार का उद्देश्य धारा-7 के तहत क्षेत्र में आने वाली जमीनों की अदला-बदली को रोकना है। अब धारा-7 ए में संशोधन करके सरकार विनियमन विलेख को भी उक्त प्रावधानों में शामिल करेगी। इससे अवैध कॉलोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को रोका जा सकेगा।

सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके बाद में अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे हैं। ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से अदला-बदली (एक्सचेंज) कहलाते हैं मगर अप्रत्यक्ष रूप से विक्रय लेन-देन होते हैं। सरकार को इन कारणों से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

Related Articles

Back to top button