NHM कर्मचारियों का प्रदर्शन : काले कपड़े पहनकर जलाई आदेश की प्रतियां, आदिवासी संस्कृति से जताया विरोध

जशपुर : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम कर्मचारियों का दस सूत्रीय मांगों को लेकर जारी आंदोलन दिन ब दिन सशक्त होता जा रहा है. हड़ताली कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के आदेश की प्रतियां जलाईं. ढोल-नगाड़ों की थाप पर आदिवासी संस्कृति का पारंपरिक नृत्य किया और रैली के रूप में सड़क पर उतरकर सीएमएचओ कार्यालय तक पहुंचे. यह अनोखा और सांस्कृतिक अंदाज का विरोध पूरे शहर में चर्चा का विषय बना.
आदेश जलाकर जताया विरोध : प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वॉइन करने के नोटिस और संगठन के राज्य स्तरीय पदाधिकारियों के निलंबन के आदेश से नाराज कर्मचारियों ने काली वर्दी पहनकर आंदोलन स्थल पर एकत्र होकर प्रतियां जलाईं. इसके बाद रैली निकालते हुए ढोल-नगाड़ों की थाप पर नारेबाज़ी और आदिवासी नृत्य करते हुए प्रदर्शनकारी सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे. वहां संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जी.के. जात्रा को ज्ञापन सौंपा.
“सरकार के झुनझुने पर अब भरोसा नहीं” : कर्मचारी संघ एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न बघेल ने कहा कि 18 दिनों से अलग-अलग तरीकों से आंदोलन चलाया जा रहा है ताकि शासन-प्रशासन ध्यान दे, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.सरकार कहती है कि कर्मचारियों की पांच मांगें पूरी कर दी गई हैं. पर आज तक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ.
चुनाव के समय वादा कर हमें भरोसा दिलाया गया था. लेकिन पिछले दो वर्षों से सिर्फ आश्वासन ही मिला है.सरकार हमें झुनझुना पकड़ा रही है. जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होगा, हड़ताल खत्म नहीं होगी- शत्रुघ्न बघेल, जिलाध्यक्ष, NHM कर्मचारी संघ
आदिवासी संस्कृति संग विरोध प्रदर्शन : आदिवासी संस्कृति के संग विशेष विरोध इस बार का विरोध प्रदर्शन अलग और प्रभावशाली था.कर्मचारियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच नृत्य कर अपनी एकजुटता और संस्कृति का परिचय दिया. सड़क पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने आदिवासी परंपरा की झलक पेश की, जिसने आंदोलन को केवल विरोध नहीं बल्कि सांस्कृतिक स्वरूप भी दिया. शहरवासियों ने इस अनोखे आंदोलन को विशेष ध्यान से देखा.
9 सितंबर को जल सत्याग्रह : मंगलवार को एनएचएम कर्मचारी सफेद कपड़े पहनकर शहर के सती उद्यान तालाब में जल सत्याग्रह कर रहे हैं. इसमें वे घुटनों तक पानी में खड़े होकर सरकार को अपनी मांगों की ओर ध्यान देने की अपील की. कर्मचारियों ने कहा कि वे आंदोलन को और भी सशक्त और रचनात्मक रूप में जारी रखेंगे ताकि सरकार मजबूर होकर उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी करे.





