बालोद में ‘तीसरी आंख’ से होगी निगरानी, चौक-चौराहों पर लग रहे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे

बालोद: अपराधियों और यातायात नियम तोड़ने वालों की निगरानी बालोद जिले में तीसरी आंख यानी हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से होगी. जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त पहल करते हुए शुरुआती चरण में 8 चिन्हित स्थानों पर ये कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया है. एक हफ्ते के भीतर इनकी स्थापना पूरी कर दी जाएगी.
पहले निजी स्थानों के कैमरे पर थे निर्भर: गौरतलब है कि इससे पहले भी कुछ चौक-चौराहों पर कैमरे लगाए गए थे, लेकिन सड़क निर्माण कार्य के दौरान उन्हें हटा दिया गया. इसके बाद पुलिस विभाग ज्यादातर निजी संस्थानों के कैमरों पर ही निर्भर था. अब प्रशासन ने खुद की स्थायी निगरानी व्यवस्था खड़ी करने की दिशा में कदम बढ़ाया है.
हादसों पर लगेगी लगाम: हाई-रेजोल्यूशन तकनीक से लैस ये कैमरे न केवल स्पष्ट तस्वीर देंगे बल्कि वाहनों के नंबर प्लेट जैसी छोटी-छोटी जानकारी भी आसानी से कैद कर लेंगे. इससे यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो सकेगी. साथ ही अपराधियों की पहचान करना और फरार आरोपियों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी.
हाल के दिनों में बालोद जिले में सड़क हादसों के मामले लगातार बढ़े हैं. साथ ही कई लोग यातायात नियम तोड़कर दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं. इसके चलते चौक-चौराहों का निरीक्षण कर कैमरे लगाने की तैयारी है– अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर
इन जगहों पर लगेंगे कैमरे: जिला मुख्यालय के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के भी प्रमुख स्थानों को चुना गया है. झलमला के तीन प्रमुख चौक परसोदा चौक, घोटिया चौक और मुख्य चौक इसके तहत शामिल किए गए हैं. शहर के साथ-साथ अन्य विकासखंड मुख्यालयों में भी आगे इसे विस्तार देने की योजना है.
कैमरों की खूबियां: ये कैमरे आधुनिक तकनीक से लैस होंगे. इनमें नाइट विजन, हाई-रेजोल्यूशन रिकॉर्डिंग और 360 डिग्री कवरेज की सुविधा होगी. प्रशासन का मानना है कि इन कैमरों की मदद से यातायात व्यवस्था को और व्यवस्थित किया जा सकेगा और अपराध नियंत्रण में भी बड़ी मदद मिलेगी.





