मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के तीन साल, विकास और प्रशासनिक सुधार की नई दिशा

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: छत्तीसगढ़ के एमसीबी यानी मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले को बने तीन साल हो गए हैं. 9 सितंबर 2022 को कोरिया जिले से अलग होकर यह जिला बना था. इन तीन सालों में जिले में विकास के कई काम हुए हैं और कई बड़े कार्यों की प्रक्रिया चल रही है.
भरतपुर में अपर कलेक्टर की तैनाती: एमसीबी जिले का सबसे दूरस्थ वनांचल क्षेत्र भरतपुर विकासखंड है, जहां के मुख्यालय जनकपुर में अपर कलेक्टर और एसडीओपी की पदस्थापना की गई है. इससे सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों को सुविधा मिली है. जनकपुर में ही साप्ताहिक जनदर्शन और हर पखवाड़े टीएल मीटिंग जिला स्तर के अधिकारियों की हो रही है, जिससे प्रशासन आम जनता के नजदीक पहुंचा है.
भरतपुर अपर कलेक्टर ने दी जानकारी: भरतपुर अपर कलेक्टर विनायक शर्मा ने बताया कि मनेंद्रगढ़ जिला बनने से पहले कोरिया जिले का हिस्सा था, जिससे जिला मुख्यालय की दूरी अधिक थी और लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. नए जिले के गठन के बाद प्रशासनिक अधिकारी ग्राउंड लेवल पर पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे लोगों को सुविधा हो रही है और उनकी समस्याएं दूर हो रही हैं. नए जिले के बनने से विकास कार्यों में भी तेजी आई है और लोगों को अब अपने क्षेत्र में ही विकास कार्यों का लाभ मिल रहा है.
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार: स्वास्थ्य सुविधाओं में भी काफी विस्तार हुआ है. इसी जिले से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आते हैं. प्राथमिक से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक लोगों को बेहतर सुविधा मिल रही है.
जिले में प्रमुख विकास कार्य: नए जिले के बनने से विकास कार्यों में तेजी आई है और लोगों को अब अपने क्षेत्र में ही विकास कार्यों का लाभ मिल रहा है. इनमें मेडिकल कॉलेज, नागपुर-हाल्ट-चिरमिरी रेल लाइन, 220 बिस्तर अस्पताल, चैनपुर-चिरमिरी सड़क चौड़ाईकरण, चिरमिरी में जिला अस्पताल, और खड़गवां में कृषि कॉलेज जैसे काम प्रमुख हैं.





