कोरिया में लगा नेशनल लोक अदालत, लंबे वक्त से चल रहे मामलों का निपटारा आपसी सहमति से हुआ

कोरिया: नेशनल लोक अदालत कोरिया में जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज शैलेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ. इस मौके पर अलग अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. उनकी उपस्थिति में कई मामलों का निपटारा आपसी सहमति से हुआ.
नेशनल लोक अदालत: जिला एवं सत्र न्यायालय बैकुंठपुर में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 45 खंडपीठ में 16863 मामलों की सुनवाई की गई. प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा करने से दोनों पक्षों के संबंध खराब नहीं होते हैं.राजस्व न्यायालय के मामलों की सुनवाई: लोक अदालत में सिविल न्यायालय और राजस्व न्यायालय के मामलों की सुनवाई हुई. सिविल न्यायालय के 17 खंडपीठ और राजस्व न्यायालय के 28 खंडपीठ में सुनवाई के तहत कुल 16863 मामले की सुनवाई हुई. प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि सभी मामलों की सुनवाई कर ली जाएगी और न्यायाधीन से अन्य लोगों से भी लोक अदालत के माध्यम से अपने मामले के निपटारे की अपील की.
आपसी सहमति से खत्म हुए मामले: लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया. प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा करने से दोनों पक्षों के संबंध खराब नहीं होते हैं और वे अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे.
न्यायालयों पर बोझ कम होगा: नेशनल लोक अदालत कोरिया में आयोजित इस कार्यक्रम से लोगों को अपने मामलों का निपटारा करने में मदद मिली और न्यायालयों पर बोझ कम हुआ. प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और लोगों को अपने मामलों का निपटारा करने में मदद की जाएगी. न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि मुकदमेबाजी में अक्सर संबंध खराब हो जाते हैं, न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने कहा कि मुकदमेबाजी में कोई जीतता है, कोई हारता है, जिससे संबंध खराब होते हैं. लेकिन लोक अदालत में ऐसा नहीं होता है, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता होता है और संबंध मधुर रहते हैं.
16,863 मामलों का निपटारा किया जा रहा: न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत में 16,863 मामलों का निपटारा किया जा रहा है और सभी मामलों में निराकरण होने की संभावना है. न्यायाधीश ने लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत की इस सुविधा का लाभ उठाएं और अपने मामलों का निपटारा कराएं. उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामला समाप्त होने के बाद इसकी कहीं अपील नहीं होती है, जिससे लोगों को राहत मिलती है.





