सचिन पायलट 18 सितंबर को दुर्ग में करेंगे 2 बड़ी सभाएं, सफल बनाने कांग्रेस ने की बैठक

दुर्ग: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 18 सितंबर से प्रदेश के दौरे पर रहेंगे. वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान के तहत दुर्ग जिले में भी सभा करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. इसी सिलसिले में दुर्ग कांग्रेस भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण वोरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, दुर्ग नगर निगम के पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल और वरिष्ठ नेताओं के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.
2 सभाओं की तैयारी: 18 सितंबर को दुर्ग जिले में सचिन पायलट की 2 सभाओं की तैयारी चल रही है. कांग्रेस भवन में कांग्रेस नेताओं की एक बैठक आयोजित की गई है, जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर लोगों को जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. तैयारियां जोरों पर हैं ताकि कार्यक्रम सफल हो सके. अरुण वोरा ने कहा कि, सभाओं से कांग्रेस को नई ऊर्जा मिलेगी.
केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार छल और कपट से बनाई गई है. राहुल गांधी ने इस पूरे खेल का खुलासा किया है. बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया है. बिहार में राहुल गांधी की 16 दिन की यात्रा के दौरान जनता ने स्वीकार किया कि राहुल गांधी की बात सच्चाई पर आधारित है– पूर्व विधायक अरुण वोरा
ऐतिहासिक बनाने की तैयारी: कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यह अभियान भाजपा की नीतियों और चुनावी धांधली के खिलाफ जनआंदोलन का रूप लेगा. वहीं सचिन पायलट के दौरे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश और संगठन में मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है. दुर्ग और भिलाई में होने वाली सभाओं को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और कांग्रेस संगठन इसे ऐतिहासिक बनाने की दिशा में जुटा है.
सचिन पायलट का यह दौरा प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है. इससे पहले बिलासपुर में भी इस अभियान के तहत बड़ी सभा की जा चुकी है. अब कार्यक्रम की शुरुआत रायगढ़ से होगी और समापन भिलाई में किया जाएगा– कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर
18 सितंबर को सचिन पायलट की पहली सभा राजनांदगांव में होगी, इसके बाद वे दुर्ग पहुंचेंगे और फिर भिलाई में विशाल सभा को संबोधित करेंगे. इन सभाओं में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं और आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की गई है.





