लघु वेतन कर्मचारी संघ की मांग, चार सूत्रीय मांगें जल्द हो पूरी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

नारायणपुर : आदिम जाति कल्याण विभाग में काम करने वाले लघु वेतन कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा.
कई साल से लंबित पड़ी हैं मांगें : मंगलवार सुबह 11 बजे नारायणपुर कलेक्टोरेट पहुंचे कर्मचारियों ने कलेक्टर से मुलाकात की. इसके बाद चार सूत्रीय प्रमुख मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की गुहार लगाई. छत्तीसगढ़ लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मंगलू राम उसेंडी ने बताया कि विभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे हैं.लेकिन उनकी मांगें सालों से लंबित पड़ी हैं.
क्या है लघु कर्मचारी संघ की प्रमुख मांग ?
1. लंबे समय से कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का युक्तियुक्तकरण और नियमित वेतनमान का लाभ
2. वर्ष 2021 में नियमित किए गए कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ
3. समान वेतनमान के अंतर्गत 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को एक समान वेतनमान
4. 10 वर्ष से अधिक सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल हैं
शासन-प्रशासन से बार-बार निवेदन करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हो रही है.मजबूरन आज कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। इसी प्रकार से हमारी मांगों को अनदेखा किया गया तो आगामी समय में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग का घेराव किया जाएगा- मंगलू उसेंडी, जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ लघु वेतन कर्मचारी संघ
शासन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान : वहीं लघु वेतन कर्मचारी संघ की संरक्षक कुंजन देहरी का कहना है उन्होंने अपनी मागों को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन किया. शासन प्रशासन से निर्दिष्ट किया गया है कि हमारी समस्या जिला स्तर पर ही समाधान हो सकती है. लेकिन नारायणपुर आदिम जाति कल्याण विभाग ने मांगों पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.
उग्र आंदोलन की चेतावनी : कुंजन देहरी ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर हमने अब कलेक्टर से गुहार लगाई है.यदि अब भी हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगे चलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा. वहीं कर्मचारियों ने साफ किया कि यदि उनकी मांगों का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे आदिवासी विकास शाखा का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे. कर्मचारियों की मांगों को लेकर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.





