February 23, 2026 6:45 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
मध्यप्रदेश

MP में कलेक्टर का सख्त एक्शन: वोटर लिस्ट जांच में मिली चौंकाने वाली लापरवाही, दो BLO तुरंत निलंबित

गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने दो बीएलओ को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के प्रतिवेदन के बाद की गई।

क्या है पूरा मामला?

जारी आदेश के अनुसार — प्रियांश शर्मा, सहायक ग्रेड-3 (पीएचई कार्यालय, गुना) मतदान केंद्र क्रमांक 88 (शा. क. मा. विद्यालय क्रमांक 2, मानस भवन के सामने) पर बीएलओ थे।

कुल 467 मतदाताओं में से 268 को NO Mapping विकल्प से वेरीफाई किया गया।

Mapped as Progeny या Self की जानकारी सुधार नहीं की गई।

वहीं UEF (ASDR) में 133 मतदाताओं का सत्यापन भी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

अरविंद कुशवाह, सहायक शिक्षक (शा.मा.वि. घोसीपुरा), मतदान केंद्र क्रमांक 131 (शा.प्रा.शा. बांसखेड़ी) पर तैनात थे।

कुल 1027 मतदाताओं में से 192 NO Mapping से वेरीफाई किए गए।

Mapped as Progeny/Self सुधार नहीं किए गए।

वहीं UEF (ASDR) में किए गए 256 सत्यापन भौतिक जांच में असत्यापित पाए गए।

कलेक्टर ने क्या कहा?

कलेक्टर कन्याल ने माना कि निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय महत्त्व के कार्य में लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुई है। इसी आधार पर दोनों बीएलओ को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में प्रबंध

निलंबन के दौरान दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय अनुविभागीय दंडाधिकारी, गुना निर्धारित किया गया है। वहीं उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्राप्त होगा।

Related Articles

Back to top button