कोरबा में वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान, मशाल रैली में शामिल हुए सचिन पायलट, केंद्र पर बोला हमला

कोरबा : कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रव्यापी अभियान वोट चोर गद्दी छोड़ के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट कोरबा आएं.इस दौरान शहर के सुभाष चौक से स्वर्गीय बिसाहू दास महंत उद्यान तक मशाल जुलूस निकाला गया. इसके बाद उद्यान में ही आम सभा आयोजित हुई. रात करीब साढ़े 10 बजे तक कांग्रेसी आयोजन स्थल पर डटे रहे.जिससे सचिन पायलट काफी प्रभावित हुए. इस दौरान सचिन पायलट ने कहा कि कार्यकर्ता कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं.रायगढ़ में एक जबरदस्त कार्यक्रम हुआ. इसके बाद कोरबा में भी एक सफल कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है.
निर्वाचन आयोग पर लगाए गंभीर आरोप : देश में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 135 साल में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. लेकिन जनता के हक अधिकार के साथ सरकार अगर खिलवाड़ करेगी तो उसके लिए कांग्रेस सड़क की लड़ाई लड़ेगी.केंद्र में बैठी सरकार आम लोगों के अधिकार के साथ खिलवाड़ कर रही है. सत्ता पर काबिज रहने के लिए अब बीजेपी वोट चोरी करने पर उतारू है.
वोट चोरी का जवाब नहीं देता निर्वाचन आयोग : सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने साक्ष्य के साथ निर्वाचन आयोग से सवाल पूछे थे. लेकिन जवाब निर्वाचन आयोग को देने के बजाय बीजेपी के नेता देते है. सचिन पायलट ने कहा कि देश में इस वक्त वोट चोरी का मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा है. जनता के अधिकारों को लेकर कांग्रेस हमेशा लड़ती रही है और आगे भी सड़क की लड़ाई लड़ती रहेगी.
जब आप थानेदार के पास शिकायत करने जाते हो तो थानेदार कहता है कि आप हलफनामा दायर करो कि चोरी किसने की है, कैसे हुई. यह तो उचित नहीं है, हमने साक्ष्य के साथ प्रमाण प्रस्तुत किए हैं. काफी रिसर्च और एक-एक फोटो का मिलान कर प्रमाण प्रस्तुत किया है. इस पर ना तो चुनाव आयोग ने कोई जांच की है और ना ही कोई प्रतिक्रिया दी है, वह चुपचाप बैठे हैं. बिहार चुनाव में भी अब जब मतदाता सूची फाइनल हो चुकी है, तब एसआईआर की घोषणा की जा रही है. इतने कम समय में कैसे करोड़ों मतदाताओं की जांच हो पाएगी – सचिन पायलट,प्रदेश प्रभारी कांग्रेस
मेरा चुनाव महत्वपूर्ण नहीं हमें आगे देखना है : इस चुनावी सभा में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी शामिल हुए थे.इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा चुनाव महत्वपूर्ण नहीं है, जो हो गया सो हो गया. परिणाम बदले नहीं जा सकते. लेकिन अब हमें आगे की ओर देखना है. पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि चुनाव आयुक्त के चयन के लिए प्रधानमंत्री नेता प्रतिपक्ष और एक पूर्व जस्टिस कमेटी में होंगे. लेकिन बहुमत के आधार पर सत्ताधारी दल ने गृहमंत्री को कमेटी में शामिल करवा दिया.
सरकार के अनुसार काम कर रहा चुनाव आयोग : प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और नेता प्रतिपक्ष की कमेटी चुनाव आयुक्त का चयन कर रही है. दो एक के बहुमत से वह अपने पसंद का आदमी चयन कर लेते हैं और यह चयन जब हुआ तब उसके ठीक बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य चुनाव हुए. सरकार के अनुसार चुनाव आयोग काम कर रहा है. राहुल गांधी ने प्रमाण के साथ वोट चोरी की बात कही है. लेकिन इसके बाद भी कार्यवाही नहीं हुई है.
अब बिहार में भी जब मतदाता सूची फाइनल हो चुकी है. तब प्रक्रिया अपनाई जा रही है, लाखों लोगों के नाम जोड़े गए और कई लोगों के नाम हटाए गए. जिनके नाम हटाए गए. उन्होंने कहा कि हम मृत नहीं, हम जीवित हैं. वह राहुल गांधी के साथ चाय पी रहे हैं. यहां वहां जा रहे हैं. तो यह इसमें कोई दो मत वाली बात नहीं है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रह गया है. इसका दुरुपयोग हो रहा है- टीएस सिंहदेव, पूर्व डिप्टी सीएम
कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे मौजूद : पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेता कोरबा में मौजूद रहे. प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल सहित कई पूर्व मंत्री, विधायक के साथ वर्तमान विधायक और बड़ी तादाद में कांग्रेसी कार्यकर्ता सभा स्थल पर मौजूद रहे.सचिन पायलट की मौजूदगी में शुरू हुई इस मशाल रैली में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक रहा. सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल थामे वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगाए.





