March 6, 2026 12:25 pm
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उत्तरप्रदेश

रामलीला न रुके, इसलिए जमीन मेरी तरफ से!” भदोही के अब्दुल रहीम की दरियादिली; पुश्तैनी जमीन देकर जीता सबका दिल

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से सामाजिक सौहार्द की एक अनोखी मिसाल सामने आई है, जहां अब्दुल रहीम सिद्दीकी उर्फ कल्लू नाम के शख्स ने हर साल होने वाली रामलीला के मंचन के लिए करीब तीन बिस्वा जमीन दान दे दी. अब्दुल के इस योगदान से गांव वाले काफी खुश हैं. आस पास के गांवों में भी जमीन दान करने की बात की खूब चर्चा हो रही है. देश में चारों ओर फैली नफरती आग के बीच इस घटना ने पानी डालने का काम किया है.

भदोही जिले के गोपीगंज क्षेत्र के बड़ागांव में हर साल रामलीला का आयोजन होता है, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित जगह न होने के चलते रामलीला कमेटी को काफी परेशानी होती थी. इसी परेशानी को देखते हुए गांव के ही रहने वाले 65 साल के अब्दुल सिद्दीकी ने भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है. उन्होंने अपनी तीन बिस्वा पुश्तैनी जमीन ‘आदर्श राम लीला समिति बड़ागांव’ को दान कर दी है, ताकि समिति को जगह के लिए परेशान न होना पड़े और रामलील सुचारू रूप से चलती रहे.

मुस्लिम बुजुर्ग ने दान की जमीन

बड़ागांव में करीब 6 हजार हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं. यहां सभी लोग एक साथ मिलकर तीज-त्यौहार मनाते रहे हैं. अब्दुल गांव में होने वाली रामलीला में अक्सर अपनी भूमिकाएं निभाते रहे हैं. उनके जमीन दान करने के फैसले की पूरे गांव में खूब तारीफ हो रही है. गांव के लोग काफी खुश हैं. जानकारी देते हुए गांव के पूर्व प्रधान राधेश्याम मिश्रा ने बताया कि बड़ागांव में पिछले करीब 94 साल से रामलीला का मंचन किया जा रहा है. लेकिन इसके लिए कोई जगह निर्धारित नहीं थी.

रामलीला मंच और अन्य निर्माण कार्य शुरू

ऐसे में हर साल कई समस्याएं पैदा होती थीं. हालांकि, गांव के ही अब्दुल ने आगे बढ़कर समस्या का परमानेंट हल निकाल दिया है. अब्दुल ने बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से अपनी पुश्तैन जमीन दान दी है. इसके लिए उन्होंने रामलीला समिति के नाम पर पेपर भी बनवा दिए हैं. रामलीला समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि सिद्दीकी की ओर से दान की गई जमीन पर रामलीला मंच और अन्य निर्माण शुरू हो गया है.

गांव वाले ने दिए 7 लाख रुपए

मंगलवार को सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद विधि विधान से पूजा पाठ करने के बाद नींव खोदने का काम शुरू किया था. इस दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समाज के लोगों ने 7 लाख रुपए एकत्रित कर निर्माण के लिए दिया है.

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