April 3, 2026 5:13 pm
ब्रेकिंग
महाकाल की शरण में 'दिग्गज'! केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उमेश यादव ने टेका मत्था; भस्म आरती म... Man-Animal Conflict: पेंच रिजर्व में बाघों के हमले तेज, 90 दिनों में 4 की मौत; डरे ग्रामीण और प्रशास... चोरी की तो लगेगा 440 वोल्ट का झटका! पीथमपुर में रेलवे का चोरों के खिलाफ 'करंट' वाला मास्टरप्लान Tikamgarh Tourism: टीकमगढ़ के बड़ागांव धसान की खास पहचान हैं ये हनुमान जी, जानें क्यों कहा जाता है इ... राजेन्द्र भारती मामले में कोर्ट जाएगी कांग्रेस, शिवराज के बंगले पर अनशन की चेतावनी एमपी की सियासत में आधी रात का धमाका! विधानसभा पहुंचे जीतू पटवारी, कांग्रेस नेता के तेवर देख सचिवालय ... हापुड़ का 'बंटी-बबली' गैंग! महंगे शौक के लिए भाई-बहन ने व्यापारी के घर डाला डाका; लग्जरी लाइफ ने बना... मोतिहारी में 'जहर' बनी शराब! 4 लोगों की मौत, 3 की आंखों की रोशनी गई; पूरे बिहार में हड़कंप Rajasthan Mehndi Crisis: 250 करोड़ का घाटा! मिडिल ईस्ट की जंग ने फीकी कर दी राजस्थान की मेहंदी; बंद ...
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई , होटल संचालक पिता पुत्र गिरफ्तार, कोर्ट ने 25 सितंबर तक रिमांड पर भेजा

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाला केस में लगातार जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है. शुक्रवार को ईओडब्ल्यू और एसीबी ने छत्तीसगढ़ के होटल कारोबारी नितेश पुरोहित और उनके बेटे यश पुरोहित को गिरफ्तार किया है. दोनों अब 25 सितंबर तक जेल में रहेंगे.

छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू और एसीबी ने दी जानकारी: इस गिरफ्तारी को लेकर ईओडब्ल्यू और एसीबी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. इस विज्ञप्ति के मुताबिक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दोनों की गिरफ्तारी हुई है. गुरुवार को शराब घोटाला मामले में तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास को गिरफ्तार किया गया था. मार्च 2024 से नितेश पुरोहित उसके पुत्र यश पुरोहित पर कार्रवाई हो रही थी, दोनों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है.

ईओडब्ल्यू और एसीबी ने प्रेस विज्ञप्ति में क्या कहा ?: मार्च 2024 से नितेश पुरोहित, उसके पुत्र यश पुरोहित और कल गिरफ्तार हुए तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास फरार चल रहे थे. जिन्हें गिरफ्तार किया गया है. तीनों आरोपियों के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर 2024 और दिसंबर 2024 में No Coercive Action (कोई बलपूर्वक कार्रवाई नहीं) का आदेश पारित किया था. इसके बाद ब्यूरो के नोटिस पर आरोपी उपस्थित तो हुए थे लेकिन मामले में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया. 17 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय से No Coercive Action से रोक हटने के पश्चात तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

अदालत ने दोनों को रिमांड पर भेजा: होटल कारोबारी आरोपी और उसके पुत्र सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य थे. जांच में यह पता चला है कि इनके द्वारा आबकारी घोटाले की अवैध राशि का संग्रहण किया जाता था. उसके बाद इन राशि का डिस्ट्रिब्यूशन भी इनकी तरफ से किया जाता था. दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने दोनों को 25 सितंबर तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर भेज दिया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button